आयुर्वेद के ये चमत्कार आपको कभी बीमार नहीं पड़ने देंगे

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आयुर्वेद के ये चमत्कार आपको कभी बीमार नहीं पड़ने देंगे

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फर्स्ट एड बॉक्स

हम में से अधिकांश लोग अपने घरों में फर्स्ट एड बॉक्स तो जरूर रखते हैं। इसमें हर उस बीमारी की दवाई होती है जिसे आम भाषा में कॉमन डिजीज या सामान्य बीमारी कहा जाता है। बुखार हो या खांसी-जुकाम, बदन दर्द हो या पेट की कोई खराबी या फिर कोई अन्य सामान्य समस्या, आपके घर का ये केमिस्ट आपको हर दवाई मुहैया करवाता है।

एलोपैथी दवाई

कई लोगों को ये एलोपैथी दवाई चुस्त-दुरुस्त कर देती है तो कई लोग इनसे मिलने वाली सुस्ती से परेशान हो जाते हैं। कभी-कभार एलोपैथी दवाइयां अपना असर दिखाने में नाकामयाब हो जाती हैं और बीमार व्यक्ति और परेशान हो जाता है।

नुस्खे

वो लोग जिन्हें एलोपैथी ज्यादा भाती नहीं है या वो उन्हें राहत देने में अक्षम पड़ जाती है तो ऐसे में आयुर्वेद के पास कुछ ऐसे नुस्खे हैं जो आपको बहुत ही जल्द बीमारियों से छुटकारा दिलवा सकते हैं। इनमें से कुछ ऐसे भी हैं जिनका नियमित सेवन आपको बीमार होने ही नहीं देगा। तो चलिए जानते हैं आयुर्वेद के खजाने से निकले कुछ खास नुस्खे।

च्यवनप्राश

एक भारतीय परिवार से जुड़े व्यक्ति के लिए च्यवनप्राश का नाम बिल्कुल भी नया नहीं है। भूरे रंग का यह पदार्थ स्वाद में मीठा और कुछ खट्टा होता है। च्यवनप्राश, घी, चीनी और विभिन्न जड़ी-बूटियों का मेल है जिसका सेवन करने से शरीर में रोग-प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है और कीटाणु उसके शरीर को जल्दी अपनी चपेट में नहीं ले पाते।

च्यवनप्राश का सेवन

च्यवनप्राश का सेवन आपके शरीर को तंदुरुस्त रखता है, इसका लाभ उठाने के लिए आपको एक चम्मच दिन में दो बार गर्म दूध या गर्म पानी के साथ लेना है। आपके शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के अलावा इसका सेवन करने से आपको अन्य शारीरिक लाभ भी मिलते हैं।

त्रिफला चूर्ण

त्रिफला एक ऐसा चूर्ण है जिसमें तीन मुख्य जड़ी बूटियों का मिश्रण होता है। यह अमलकी, विभितकी, हरितिकी नामक जड़ी-बूटियों से बना होता है जो स्वास्थ्य के लिहाज से बहुत उपयोगी हैं। अपच हो या गैस की समस्या त्रिफला इनका अचूक इलाज है, इसके अलावा यह आपके शरीर के भीतर से विषैले तत्वों को भी बाहर निकालता है।

त्रिफला का सेवन

त्रिफला का सेवन करने से आप आंतरिक रूप से तो स्वस्थ रहते ही हैं साथ ही इसका सीधा प्रभाव आपके निखार पर भी पड़ता है और आपको मिलती है एक चमकती-दमकती त्वचा। यह आपकी आंखों की रोशनी के लिए भी बेहतरीन है। जिन लोगों को कब्ज की शिकायत करती है उन्हें इसका सेवन अवश्य करना चाहिए।

अविपत्तिकर चूर्ण

आजकल की जीवनशैली में लोगों का खानपान पूरी तरह बिगड़ चुका है जिसकी वजह से अकसर लोगों को एसिडिटी की शिकायत रहती है। तनावग्रस्त जीवन, बाहर का अनहेल्दी खाना, जंक फूड आदि पेट की विभिन्न बीमारियों के लिए उत्तरदायी हैं। इन सब तकलीफों से निजात पाने का एकमात्र तरीका है अविपत्तिकर चूर्ण।

आयुर्वेदिक चूर्ण

यह एक ऐसा आयुर्वेदिक चूर्ण है जिसमें आमला, इलाइची और त्रिफला का प्रयोग किया गया है। इसका सेवन शहद या दूध के साथ किया जाता है। परंतु इसे बिना किसी जानकार की सलाह के नहीं लेना चाहिए।

अजवाइन अर्क

अजवाइन के स्वास्थ्य लाभ को जानते हुए लगभग हर घर में इसका प्रयोग किया जाता है। अजवाइन का सेवन पेट में गैस या पेट फूलने जैसी समस्या से निजात दिलवाता है। अजवाइन के भीतर एक ऐसा पदार्थ होता है जो पेट में से गैस को निकालने का काम करता है।

पेट में गैस

वे लोग जिन्हें अकसर पेट में गैस होने जैसी समस्या का सामना करना पड़ता है उन्हें भूख भी बहुत कम लगती है। अजवाइन का सेवन उन्हें बहुत राहत प्रदान करता है।

लहसुनादि वटी

जैसे कि नाम से ही जाहिर हो रहा है कि इसमें लहसुन का प्रयोग किया गया है। लहसुन अपच, पेट दर्द, दस्त जैसे रोगों से राहत देता है। इसमें सेंधा नमक, जीरा, हींग आदि का प्रयोग किया जाता है, जो पेट से गैस रिसाव का काम करती है।

नीमघृता

बढ़ते प्रदूषण की वजह से त्वचा की खुजली और मुंहासों की समस्या बहुत आम होने लगी है। लेकिन अगर आप इस समस्या से निजात पाना चाहते हैं तो ऐसे में नीमघृता नामक आयुर्वेदिक क्रीम आपके लिए एक कारगर उपाय हो सकती है। इस क्रीम की प्रतिजीवाणु क्षमता त्वचा के विभिन्न रोगों से मुक्ति दिलवाती है।

खुजली

आपको जिस स्थान पर खुजली होती है उस स्थान पर इस क्रीम को नियमित रूप से लगाएं, कुछ ही दिनों में आपको फर्क दिखने लगेगा।

नारायण तेल

नारायण तेल एक ऐसा आयुर्वेदिक तेल है जिसे जोड़ों पर लगाने से जोड़ों के दर्द मंआ राहत मिलती है। साथ ही यह सर्वाइकल के दर्द को भी कम करता है। अगर आपको मांसपेशियों में दर्द की शिकायत रहती है तो आपको इस तेल का प्रयोग जरूर करना चाहिए।

पंचतुलसी की बूंदें

किसी भी प्रकार की एलर्जी हो या फिर कीटाणुओं से होने वाली बीमारी, तुलसी एक ऐसा पौधा है जिसका प्रयोग जड़ी-बूटी के रूप में भी किया जाता है। फ्लू, दमा, सर्दी-खांसी या बलगम जैसी बीमारियों में तुलसी का रस बहुत कारगर है।

भृंगराज अश्व

भृंगराज नामक जड़ी बूटी से बना भृंगराज अश्व संक्रमण से राहत देता है। इसमें काली मिर्च और इलायची का भी प्रयोग किया जाता है, जो सर्दी-जुकाम से राहत देता है।

जड़ी-बूटियां

आयुर्वेदिक जड़ी-बूटियों को सदियों से बेहतरीन औषधि के रूप में प्रयोग किया जा रहा है। प्राचीन ऋषि-मुनि भी इन्हीं का उपयोग कर शतायु तक पहुंच पाते थे।

दवाइयां

हालांकि इनमें से बहुत सी जड़ी-बूटियां भी हैं जिनका सेवन करने से साथ में चल रहीं एलोपैथी या अन्य किसी प्रकार की दवाइयां अपना काम करना बंद कर देती हैं।

डॉक्टरी सलाह

इसीलिए बिना डॉक्टरी सलाह के आपको इनका सेवन अन्य दवाइयां, विशेषकर मधुमेह या रक्तचाप जैसे मामलों में, नहीं करना चाहिए।

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