कोई ना राज़ी था साथ आने को, मैंने परखा बहुत ज़माने को.,. बेहतरीन 100 सुविचार

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कोई ना राज़ी था साथ आने को, मैंने परखा बहुत ज़माने को.,.
आप नियम को जानें या न जानें, इससे कोई अन्तर नहीं पड़ता. नियम अपना कार्य करेंगे.
किसी के प्रति द्वेष या मन में मैल रखने का मतलब है कि आप अभी भी भूत काल में जी रहे हैं. आप लोगों को माफ़ करें और आगे बढ़ें.
मौन होना ही सबसे बेहतर है.

दिल की हर आरजू हर किसी की पूरी हो, न रहे कोई उदास न कोई ख़ुशी अधूरी हो.

जब दर्द और कड़वी बोली, दोनों मीठी लगने लगे, तब समाज लीजिये की जीना आ गया.

खामोश रहने का अपना ही मज़ा है, नींव के पत्थर कभी बोल नहीं करते.

जिंदगी आपको हमेशा एक नया मौका देती है, सरल शब्दों में उसे ” कल ” केहते है.

छोटी सी है है ज़िन्दगी तो तकरार किस लिये, रहते हो दिल में तो फिर दिवार किस लिए.

अब कुछ लोग यहाँ महोब्बत का सहर लेकर भी लूट लेते है, अगर दिल का सौदा करो तो ज़रा खरीददार परख के.

अच्छे लोगो को भगवान परेशान करता है मगर साथ कभी नहीं छोड़ता, बुरे लोगो को भगवान बहुत कुछ देता है मगर साथ नहीं देता.

हौसले के तरकस में कोशिश का वो तीरज़िंदा रखो

हार जाओ चाहे ज़िंदगी में सब कुछ लेकिन फिर से जीतने की उम्मीद ज़िंदा रखो ।

ढूंढोगे अगर तो ही रास्ते मिलेंगे, मंज़िलों की फितरत है खुद चलकर नहीं आती.

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