hindi me sad whatsapp status

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अजीब सी बस्ती में ठिकाना है मेरा जहाँ लोग मिलते कम झांकते ज़्यादा है

बात मुक्कदर पे आ के रुकी है वर्ना, कोई कसर तो न छोड़ी थी तुझे चाहने में !

किसी को क्या बताये की कितने मजबूर है हम.. चाहा था सिर्फ एक तुमको और अब तुम से ही दूर है हम।

वहां तक तो साथ चलो जहाँ तक साथ मुमकिन है, जहाँ हालात बदलेंगे वहां तुम भी बदल जाना.

हम ना बदलेंगे वक्त की रफ़्तार के साथ, हम जब भी मिलेंगे अंदाज पुराना होगा !! नजर चाहती है दीदार करना दिल चाहता है प्यार करना
क्या बताऊँ इस दिल का आलम नसीब में लिखा है इंतज़ार करना

अधूरी मोहब्बत मिली तो नींदें भी रूठ गयी…! गुमनाम ज़िन्दगी थी तो कितने सकून से सोया करते थे…!!

अरे कितना झुठ बोलते हो तुम खुश हो और कह रहे हो मोहब्बत भी की है

सुनो… तुम ही रख लो अपना बना कर.. औरों ने तो छोड़ दिया तुम्हारा समझकर..!!

कागज़ों पे लिख कर ज़ाया कर दूं मै वो शख़्स नही वो शायर हुँ जिसे दिलों पे लिखने का हुनर आता है

झूठ बोलने का रियाज़ करता हूँ सुबह और शाम मैं सच बोलने की अदा ने हमसे कई अजीज़ यार छीन लिये|

निकली थी बिना नकाब आज वो घर से मौसम का दिल मचला लोगोँ ने भूकम्प कह दिया

अगर तुम समझ पाते मेरी चाहत की इन्तहा तो हम तुमसे नही तुम हमसे मोहब्बत करते

अमीरों के लिए बेशक तमाशा है ये जलजला, गरीब के सर पे तो आसमान टुटा होगा.

नफरत ना करना पगली हमे बुरा लगेगा. . . बस प्यार से कह देना अब तेरी जरुरत नही है. .

कुछ इसलिये भी ख्वाइशो को मार देता हूँ माँ कहती है घर की जिम्मेदारी है तुझ पर

नफरत ना करना पगली हमे बुरा लगेगा. . . . बस प्यार से कह देना अब तेरी जरुरत नही है. .

जो मेरे बुरे वक्त में मेरे साथ है मे उन्हें वादा करती हूँ मेरा अच्छा वक्त सिर्फ उनके लिए होगा

ये जो छोटे होते है ना दुकानों पर होटलों पर और वर्कशॉप पर दरअसल ये बच्चे अपने घर के बड़े होते है

कुछ लोग आए थे मेरा दुख बाँटने मैं जब खुश हुआ तो खफा होकर चल दिये

मंदिर भी क्या गज़ब की जगह है! गरीब बाहर भीख मांगते हैं, और अमीर अन्दर.

मालुम था कुछ नही होगा हासिल लेकिन… वो इश्क ही क्या जिसमें खुद को ना गवायाँ जाए.

मैंने समुन्दर से सीखा है जीने का सलीका, चुपचाप से बहना और अपनी मौज में रहना.

मैँने अपना गम आसमान को क्या सुना दिया… शहर के लोगों ने बारीश का मजा ले लिया.

मूंगफली में छिलके और छोरी में नखरे ना होते तो जिंदगी कितनी आसान हो जाती.

में उन ही चीज़ों का शोख़ रखता हु जो मुझे मिलती हे । उन चिंजो का नहीं जिनकी इजाजत मेरे माँ बाप नहीं देते .

मेरा वक्त बदला है… रूतबा नहीं तेरी किस्मत बदली है… औकात नहीं ।

मेरे मरने के बाद मेरी कहानी लिखना, कैसे बर्बाद हुई मेरी जवानी लिखना.

मुझे जॉब करने का कोई सोख नहीं है ये तो मम्मी-पापा की जींद है की तेरे लिए छोरी कहा से धुंध के लाएंगे.

रुलाने मे अक्सर उन्हीँ लोगो का हाथ होता है जो हमेशा कहते है कि तुम हँसते हुए अच्छे लगते हो.

वो तो खिलोने वाले की मजबूरी है वरना बच्चो को रोते हुए देखना उसे भी अच्छा नही लगता ।

वो काग़ज़ आज भी फूलों की तरह महकता है.. जिस पर उसने मज़ाक़ में लिखा था ..मुझे तुमसे मोहब्बत है.

शेर खुद अपनी ताकत से राजा केहलाता है, जंगल मे चुनाव नही होते.

अब मैं कोई भी बहाना नहीं सुनने वाला .. तुम मेरा प्यार…. मुझे प्यार से वापस कर दो.

अब किसी और से मोहब्बत कर लूं, तो शिकायत मत करना ये बुरी आदत भी मुझे तुमसे ही लगी है…!

अर्ज़ किया है.. ज़िन्दगी में अगर ग़म न होते.. तो शायरों की गिनती में हम न होते.

अगर कहो तो आज बता दूँ मुझको तुम कैसी लगती हो। मेरी नहीं मगर जाने क्यों, कुछ कुछ अपनी सी लगती हो।

अजीब तमाशा है मिट्टी से बने लोगो का, बेवफाई करो तो रोते है और वफा करो तो रुलाते है ॥

आज टूटा एक तारा देखा, बिलकुल मेरे जैसा था। चाँद को कोई फर्क नहीं पड़ा, बिलकुल तेरे जैसा था।।

इतना भी गुमान न कर आपनी जीत पर ऐ बेखबर, शहर में तेरे जीत से ज्यादा चर्चे तो मेरी हार के हैं..!!

इतनी कामीयाबि हाँसिल करूंगा की तु जे माफी मांगने के लिये भी लाईन मेँखडा होना पडेगा.

करेगा जमाना कदर हमारी भी एक दिन देख लेना… बस जरा ये भलाई की बुरी आदत छुट जाने दो.

क़दर किरदार की होती है वरना कद में तो साया भी इंसान से बड़ होता है..

कांटो से बच बच के चलता रहा उम्र भर… क्या खबर थी की चोट एक फूल से लग जायेगी.

काश तुम मेरी मौत होते तो, एक दिन जरुर मेरे होते.

क्या किसी से शिकायत करें जब अपनी तक़दीर ही बेवफा है।

क्यों गुरूर करते हो अपने ठाठ पर… मुट्ठी भी खाली रहेगी जब पहुंचोगे घाट पर..

इस दुनिया मे कोई किसी का हमदर्द नहीं होता … लोग ज़नाजे के साथ भी होते हैं तो सिर्फ अपनी हाजिरी गिनवाने के लिए.

बताँऊ तुम्हें एक निशानी उदास लोगों की….. कभी गौर करना यें हसंते बहुत हैं

हर शाम सुहानी नहीं होती, हर चाहत के पीछे कहानी नहीं होती, कुछ तो असर ज़रूर होगा मोहब्बत में, वर्ना गोरी लड़की काले औज़ार की दीवानी नहीं होती।

तुम आस पास ना आया करो जब मैं शराब पीता हूँ…क्या है कि मुझसे दुगना नशा सभांला नहीं जाता.

पलट के देख ज़ालिम, तमन्ना हम भी रखते हैं, हुस्न तुम रखती हो, तो जवानी हम भी रखते हैं; गहराई तुम रखती हो तो लंबाई हम भी रखते हैं!

इश्क की पतंगे उडाना छोड़ दी ….. वरना हर हसीनाओं की छत पर हमारे ही धागे होते.

मैंने भी बदल दिये ज़िन्दगी के उसूल, अब जो याद करेगा… सिर्फ वो ही याद रहेगा…!!

मैंने पूछा एक पल में जान कैसे निकलती है, उसने चलते चलते मेरा हाथ छोड़ दिया…

पहले हमें भी मोहबत का नशा था यारो पर जब से दिल टूटा है नशे से मोहबत हो गई है

छोटी-छोटी बातें करके बड़े कहाँ हो जाओगे… पतली गलियों से निकलो तो खुली सड़क पर आओगे…

ईरादे सब मेरे साफ होते है, इसीलिए लोग अक्सर मेरे खिलाफ होते हेँ !

मैँ कभी बुरा नही था उसने मुझे बुरा कह दिया…फिर मैँ बुरा बन गया ताकि उन्हे कोई झुठा ना कह दे…

नींद तो आने को थी मगर दिल पिछले किस्से ले बैठा…. अब खुद को बेवक्त सुलाने मे कुछ तो वक्त लगेगा..

कौन देता है उम्र भर का सहारा, लोग तो जनाज़े में भी कंधे बदलते रहते हैं!

उस घडी मेरा इश्क हदें भूल जाता था, जब लडते लडते वो कहती थी लेकिन प्यार मैं ज्यादा करती हू तुमसे..

चल कोई बात नही जो तु मेरे साथ नही लेकिन यह बंदा तेरे लिये रोये ऐसी तेरी ओकात नही।

मै शायर नही बस दिल के अहसासो को शब्दो का रूप दे देता हूँ.. जहाँ दिख गये हसीन चेहरे थोडी बहुत आवारगी कर लेता हूँ…

जहर के असरदार होने से कुछ नही होता साहब खुदा भी राजी होना चाहिये मौत देने के लिय.

दिल से बेहतर तो रावण है साल में एक ही दिन जलता है.

कुछ लोग हमें अपना कहा करते है । सच कहूँ वो सिर्फ कहा करते है ।

कुछ लौग ये सोचकर भी मेरा हाल नहीं पुँछते… कि यै पागल दिवाना फिर कोई शैर न सुना देँ !!

हम घोडे के ‪‎ट्रिगर‬ पे नहीँ, बल्की खुद के ‪जीगर‬ पे जीते हे ।

होंठो से लगाकर तूने, दिल को एक नये नशे की तलब लगा दी। सकूं मिलता था भींड में हमे, तन्हाई में बुलाकर तूने, तन्हाई की आदद्त लगा दी।

लोग कहते हैं की इतनी दोस्ती मत करो के दोस्त दिल पर सवार हो जाए में कहता हूँ दोस्ती इतनी करो के दुश्मन को भी तुम से प्यार हो जाए.

लोग हमें समजते कम हे और समजाते ज्यादा हे… इसलिए मामले सुलजते कम हे और उलजते ज्यादा हे …!!

गर्लफ्रेंड तोह बच्चे पटाते हे , मे तोह कमिना हु , कमिनी ही पटाउन्गा..

गलत बन्दे से प्यार कर रही है वो.. मोहब्बत मेँ कही हुस्न ना खराब कर बैठे.

खुद के लिए कभी कुछ माँगा नहीं, औरों के लिए सर झुकाने पड़ते हैं।

पानी मेँ पत्थर मत झेको उस पानी कोभी कोई पीता है॥ यु मत रहो जिँदगी मेँ उदास तुमे देख के भी कोई जिता है॥

जिस क़दर उसकी क़दर की हमनें !! उस क़दर बेक़दर हो गए हम..

जहां तक रिश्तों का सवाल है…..लोगो का आधा वक़्त…. अन्जान लोगों को इम्प्रेस करने औरअपनों को इग्नोर करने में चला जाता हैं…!!

जैसा भी हूं अच्छा या बुरा अपने लिये हूं, मै खुद को नही देखता औरो की नजर से..

नेक बनने के लिए ऐसी कोशिश करो जैसी कोशिश खूबसूरत दिखने के लिए करते हो.

गुलाम बनकर जिओगे तो कुत्ता समजकर लातमारेगी ये दुनिया.. नवाब बनकर जिओगे तो शेर समझ सलामठोकेगी ये दुनिया.

अगर प्यार है तो शक़ कैसा अगर नहीं है तो हक़ कैसा.

तेरी आँखों के जादू से तू ख़ुद नहीं है वाकिफ़ ये उसे भी जीना सीखा देती है जिसे मरने का शौक़ हो!!

न जाने क्या मासूमियत है तेरे चेहरे पर..तेरे सामने आने से ज़्यादा.. तुझे छुपकर देखना अच्छा लगता है…!!!

तु बेशक अपनी महफ़िल में मुझे बदनाम करता है, लेकिन तुझे अंदाजा भी नहीं की वो लोग भी मेरे पैर छुते है, जिन्हें तु भरी महफ़िल में सलाम करता है.

हम तो बदनाम हुए कुछ इस कदर की पानी भी पियें तो लोग शराब कहते हैं.

जब भी अपनी शख्शियत पर अहंकार हो, एक फेरा शमशान का जरुर लगा लेना..

तेरे दीदार की आस में आते हैं तेरी गलियों में वरना सारा शहर पडा है आवारगी के लिए.

भगवान से वरदान माँगा कि दुश्मनों से पीछा छुड़वा दो अचानक दोस्त कम हो गए.

अपनी भूख का इल्ज़ाम न दे तू खुदा को.. वो माँ के पेट में भी बच्चों को पाल देता है !

इस शिद्दत से निभा अपना किरदार पर्दा गिर जाए पर तालियाँ बजती रहे.

मेरे हाल पर हसने वालो बस इतना याद रखना लोगो का तो वक्त आता हे पर मेरे पूरा दोर आएगा.

थक गया हूँ तेरी नौकरी से ऐ जिन्दगी मुनासिब होगा मेरा हिसाब कर दे.

तु बेशक अपनी महफ़िल में मुझे बदनाम करता है, लेकिन तुझे अंदाजा भी नहीं की वो लोग भी मेरे पैर छुते है, जिन्हें तु भरी महफ़िल में सलाम करता है.

माचिस की ज़रूरत यहाँ नहीं पड़ती यहाँ आदमी आदमी से जलता है.

सुना है इश्क़ से तेरी बहुत बनती है एक एहसान कर उस से क़ुसूर पुछ मेरा.

मेरे इरादे मेरी तक़दीर बदलने को काफी हैं मेरी किस्मत मेरी लकीरों की मोहताज़ नहीं.

मेरे लफ़्ज़ों की सही पहचान, अगर वो कर लेते उन्हें मुझसे ही नहीं खुद से भी मोहब्बत हो जाती.

आप दिल से यूँ पुकारा ना करो, हमको यूँ प्यार से इशारा ना करो, हम दूर हैं आपसे ये मजबूरी है हमारी, आप तन्हाइयों मे यूँ रुलाया ना करो..

अगर जींदगी मे कुछ पाना हो तो तरीके बदलो ईरादे नही.

अजीब दस्तूर है मोहब्बत का रूठ कोई जाता है, टूट कोई जाता है.

तू मोहब्बत है मेरी इसीलिए दूर है मुझसे अगर जिद होती तो शाम तक बाहों में होती.

आपसे मुलाक़ात की अजब निशानी है, हँसते हँसते आंखे भर आती हें जिंदगी में हो चाहे कितनी परेशानी, आपके साये में हर मुश्किल आसा.

कुछ सही तो कुछ खराब कहते हैं लोग हमें बिगड़ा हुआ नवाब कहते हैं,

किसी की महोब्बत से हमने क्या पाया है रात की नींद और दिन का चैन गंवाया है क्या करें हम इस दिल का जिसे आज बरबाद हो कर भी होश नहीं आया है

बहुत तकलीफ देती है ना मेरी बातें तुम्हें देख लेना एक दिन मेरी खामोशी तुम्हें रुला देगी

नदी जब किनारा छोड़ देती है राह की चट्टान तक तोड़ देती है बात छोटी भी अगर चुभ जाती हैं दिल में, ज़िन्दगी के रास्तों को मोड़ देती है

शतरंज की चालों का खौफ़ उन्हें होता है जो सियासत करते हैं साहेब हम तो यारी करते हैं

भगवान अगर कुछ देना चाहें तो पहले दोनो हाथ खाली कर देता है… ताकि आपको कुछ बेहतर दे सकें !!

बिखर कर रह गया.. वजूद मेरा..! मै तो समझा था, इश्क संवार देगा मुझे..!!

मज़हब पता चला, जो मुसाफ़िर की लाश का!! चुपचाप आधी भीड़ घरों को चली गई!!

तू बदनाम ना हो इसलिये जी रही हूं मै, वरना तेरी चौखट पे मरने का इरादा रोज़ होता है..

मजा चख लेने दो उसे गेरो की मोहबत का भी, इतनी चाहत के बाद जो मेरा न हुआ वो ओरो का क्या होगा |

बन के तुम मेरे मुझको मुकम्मल कर दो….अधूरे-अधूरे अब हम ख़ुद को भी अच्छे नहीं लगते.

Hum Bhi Dariya Hain Humein Apna Hunar Maloom Hai Jis Taraf Bhi Chal Parainge Raasta khud hi bna lenge.

Kheench Leti Hai Unki Mohabbat Mujhe Har Baar !!!! Warna Bahut Baar Mile Thay Unse Aakhri Baar.

बेशक वो ख़ूबसूरत आज भी है, पर चेहरे पर वो मुस्कान नहीं, जो हम लाया करते थे..!!

अपनी हार पर कितना शकून था मुझे, जब उसने गले लगाया जीतने के बाद.

हर बार सम्हाल लूँगा गिरो तुम चाहो जितनी बार, बस इल्तजा एक ही है कि मेरी नज़रों से ना गिरना…!!

आज भी लोग हमारी इतनी इज्जत करते हैं, हमारे ‪‎status‬ वो सर झुकाकर पढ़ते हैं ..!!

तेरी मोहब्बत को कभी खेल नही समजा, वरना खेल तो इतने खेले है कि कभी हारे नही ।

हकीकत में ये खामोशी हमेशा चुप नही रहती, कभी तुम गौर से सुनना बहुत किस्से सुनाती है.

न ज़ख्म भरे, न शराब सहारा हुई, न वो वापस लौटीं, न मोहब्बत दोबारा हुई…

चलो अब जाने भी दो.. क्या करोगे दास्तां सुनकर, ख़ामोशी तुम समझोगे नहीं, और बयां हमसे होगा नही

खुद को बिखर्ने मत देना, कभी किसि हाल मेँ, लोग गिरे हुए माकान कि, ईटे तक लेजा ते है.

प्यार करना सीखा है, नफरतों का कोई ठौर नहीं….!! बस तू ही तू हैं दिल में, दूसरा कोई और नहीं….!!

ज़िंदगी से बस यही गिला है मुझे, तू बहुत देर से मिला है मुझे ।

तब, महबूबा की गलियों के चक्कर काट काट कर जवानी बिता दी जाती थी अब, मोबाइल को चार्जिंग में लगाये लगाये बीत रही है ।

है कोई वकील इस जहान में,जो हारा हुआ इश्क जीता दे मुझको.

अब कहा जरूरत है पत्थर उठाने की, लोग जुबान से ही रिश्ते तोड जाते है ।

जीतें है इस आस पर एक दिन तुम आओगे, मरते इसलिए नहीं क्युँकी अकेले रह जाओगे..!!

इस दुनीया मैं हम से जलने वाले बहोत हैं.. मगर उससे कोइ फरक नहीं पड़ता.. !! क्योंकी हम पे मरने वाले भी बहोत हैं !

उसके ख्याल से ही इतनी ख़ूबसूरत है दुिनयां अगर वो साथ हो तो क्या बात है..

दोस्ती का इरादा था.. प्यार हो गया।। दोस्तो अब दुआ दीजिये… सलाह नही।।

मैंने अपनी मौत की अफवाह उड़ाई थी, दुश्मन भी कह उठे आदमी अच्छा था..

नसीब का लिखा तो मील ही जायेगा, या रब …. देना हे तो वो दे जो तकदीर मे ना हो .

कतल हुवा इस तरह हमारा किश्तों में, कभी खंजर बदल गये कभी कातिल ।।

मुझे ढूंढने की कोशिश अब न किया कर, तूने रास्ता बदला तो मैंने मंज़िल बदल ली…!!

इन्सान की चाहत है कि उड़ने को पर मिले, और परिंदे सोचते हैं कि रहने को घर मिले…!

तेरी याद से अच्छी तो मेरी सराब हे ज़ालिम, कमब्क्त रुलाने के बाद सुला तो देती हे मुझे !!

बेर कैसे होते है ‘शबरी’ से पूछो, राम जी से पूछोगे तो मीठा ही बोलेंगे !!

मजबूत रिश्ते और कडक चाय……धीरे धीरे बनते है…!!

यूँ तो शिकायते तुझ से सैंकड़ों हैं मगर.. तेरी एक मुस्कान ही काफी है सुलह के लिये….!!

ऊपर जिसका अन्त नही उसे आसमां कहते है॥ इस जहां मे जिसका अन्त नही उसे मां कहते है॥

बड़ी मुस्किल से बनाया था अपने आपको काबिल उसके, उसने ये केहकर बिखेर दिया… की तुमसे मोह्बत तो है पर पाने की चाहत नही हे !!

छोड़ तो सकता हूँ मगर छोड़ नहीं पाता उसे, वो शख्स मेरी बिगड़ी हुई आदत की तरह है.

हम तो यूहीँ दिल साफ रखा करते थे….. पता नहीं था कीमत चेहरों की होती है..

इन बादलों का मिज़ाज मेरे मेहबूब से काफी मिलता हे , कभी टुटके बरसाते हे तो कभी बेरुखी से गुजर जाते हे !!

फ़रिश्ते ही होंगे जिनका हुआ इश्क मुकम्मल, इंसानों को तो हमने सिर्फ बर्बाद होते देखा है…..!!

मेरी जिंदगी का खेल शतरंज से भी मज़ेदार निकला.. मैं हारा भी तो अपनी हीं रानी से..!!

वो फिर से लौट आये थे मेरी जिंदगी में….अपने मतलब के लिये और हम सोचते रहे की हमारी दुआ में दम था ..

शायरी का बादशाह हुं और कलम मेरी रानी, अल्फाज़ मेरे गुलाम है, बाकी रब की महेरबानी

होठ मिला दिए उसने मेरे होठो से यह कहकर… शराब पीना छोड़ दोगे तोह यह जाम तुम्हे रोज़ मिलेगा..

‎attitude तो‬ सब लोगों के पास होता है, बस फर्क इतना है कि किसी का Attitude छिप जाता है, और हमारा Attitude तो छप जाता है..!

आगरा का ताजमहल गवाह हैं की औरत जीते जी ही नहीं मरने के बाद भी जेबें खाली करवा सकती है.

खुशियाँ बटोरते बटोरते उम्र गुज़र गई .. पर हाथ कुछ न लगा ! तब जाकर ये एहसास हुआ कि .. खुश तो वो लोग हैं “जो खुशियाँ बाँट रहे थे” !!

इतिहास गवाह हैं (खबर..) हो या (कबर..) खोदते ‘अपने’ ही हैं..

यूँ ही शौक़ है हमारा तो शायरी करना ।। किसी की दुखती रग छू लूँ.तो यारों माफ़ करना..

नीलाम कुछ इस कदर हुए, बाज़ार-ए-वफ़ा में हम आज, बोली लगाने वाले भी वो ही थे, जो कभी झोली फैला कर माँगा करते थे!

अकल कितनी भी तेज ह़ो नसीब के बिना नही जित सकती, बिरबल काफी अकलमंद होने के बावजूद.. कभी बादशाह नही बन सका ।

पानी दरिया में हो या आँखों में, गहराई और राज़ 2नो में होते हैं!!

ना छेड़ किस्सा वोह उल्फत का बड़ी लम्बी कहानी है मैं जिन्दगी से नहीं हारा किसी अपने की मेहरबानी है..

ये, फ़र्क़ तो है, दरमियाँ तेरे और मेरे, तुम कह कर भी नहीं कहते, और हम कह ही नहीं पाते….

तेरी बेरुखी ने छीन ली है शरारतें मेरी और लोग समझते हैं कि मैं सुधर गया हूँ ..!

गीली लकड़ी सा इश्क उन्होंने सुलगाया है…ना पूरा जल पाया कभी, ना बुझ पाया है

दिलों की बात करता है ज़माना… पर मोहब्बत आज भी चेहरे से शुरू होती है…

चाहे कितनी भी डाईटिंग कर लों हसीनाओ जब तक भावखाना बंद नही करोगी …वजन कम नही होगा…

इतनी करुंगा मुहब्बत के तू खुद कहेगी। देखो वो मेरा आशिक़ जा रहा है..!!!

पालने मेँ Beti किसी को नही चाहिए….. मगर बिस्तर पर Leti हरेक को चाहिए….

लोग कहते है,तुझे तेरी भाईगीरी एक दिन जरुर मरवायेंगी…. मैने लोगोंसे Pyar से कहा क्या करु, सबको आती नहीं और,‪ ‎मेरी‬ जाती नही!!

क्या लूटेगा जमाना खुशियो को हमारी…हम तो खुद अपनी खुशिया दुसरो पर लुटाकर जीते है.

फ़ासले कम ना हो सके, आमना-सामना रहा बरसों…

किसी ने यूँ ही पुछ लिया हमसे कि दर्द की कीमत क्या है.. हमने हँसते हुए कहा, पता नहीं कुछ अपने मुफ्त में दे जाते हैं।

इश्क का समंदर भी क्या समंदर है, जो डूब गया वो आशिक जो बच गया वो दीवाना…!!

ताजगी मिज़ाज में और रंगत जैसे पिघला हुआ सोना, यहाँ तारीफ तेरी नहीं है मेरे साकी, यह ज़िकर शराब का है।

मेरी लड़खड़ाहट तुम, मुझ तक ही रहने दो, जो बात मैंने होश की कर दी, तो बेहोश हो जाओगे.

तुम्हे अमीरी पे नाज़ है, में गरीब हु मुझे गरीबी पे नाज है

बेहतरीन इंसान अपनी मीठी जुबान से ही जाना जाता है वरना अच्छी बातें तो दीवारों पर भी लिखी होती है !

प्यार, एहसान, नफरत, दुश्मनी, जो चाहे वो हमसे कर लो आप की कसम, वही दुगुना मिलेगा….

हम तुम्हें मुफ़्त में जो मिले हैं, क़दर ना करना हक़ है तुम्हारा..!!

जलील करके जीस फकीर को तुने किया रुखसत. वौ भीख लेने नही तुजे दुआऐं देने आता था.

मेरी बात सुन ‪‎पगली‬ अकेले ‪‎हम‬ ही शामिल नही है इस ‪‎जुर्म‬ में… ‎जब नजरे‬ मिली थी तो ‪मुस्कराई तू‬ भी थी…

काबील नजरो के लीये हम जान दे दे पर.. कोई गुरुर से देखे ये हमे मंजुर नही.

जीवन में कभी किसी को कसूरवार न बनायें… अच्छे लोग खुशियाँ लाते हैं! बुरे लोग तजुर्बा!!

हाथ में टच फ़ोन, बस स्टेटस के लिये अच्छा है… सबके टच में रहो, जींदगी के लिये ज्यादा अच्छा है..

कीस कदर मासूम सा लहजा था उसका, धीरे से जान कहकर बेजान कर दीया..!

उसके हाथों पर अपना नाम देखा, तो मैं बहुत खुश था वो बड़े मासूम से लहज़े में बोली, तेरे हमनाम और भी हैं

मेरा कुछ ना ऊखाड सकोगे तुम मुझसे दुश्मनी करके…. मुझे बर्बाद करना चाहते हो तो,मुझसे मोहब्बत कर लो!!

लोग कहते हैं कि वक़्त किसी का ग़ुलाम नहीं होता, फिर तेरी मुस्कराहट पे वक़्त क्यूँ थम सा जाता है…!!!

मैं ‪‎famous‬ हूँ क्युकि में सच लिखता हूँ तभी आज ज़माने में सबसे मेंहंगा बिकता हूँ

ना वफ़ा का जिक्र होगा ना वफ़ा की बात होगी, अब जिससे भी मोहब्बत होगी मार्च क्लोज़िंग केबाद होगी।

गिटार सिखा था जिस को पटाने के लिए ….. आज ऑफर आया है उसकी शादी में बजाने के लिए|

हमारी ताकत का अंदाजा हमारे जोर से नही….. दुश्मन के शोर से पता चलता है…..!!

मेरी हिम्मत को परखने की गुस्ताखी न करना, पहले भी कई तूफानों का रुख मोड़ चुका हु|

तूने हमें छोड दिया कोई बात नहीं , हम दुआ करेंगे कोई तुझे ना छोडे किसी और के लिए|

सिर्फ लफ़्ज़ों को न सुनो, कभी आँखें भी पढो .. कुछ सवाल बड़े खुद्दार हुआ करते है.

मजा आता है किस्मत से लड़ने में, किस्मत आगे बढ़ने नहीं देती और मुझे रुकना आता नहीं..!!

आज पगली बरसो बाद मिली और गले लगकर रोने लगी…जानते हो वो वही थी जिस ने कहा था की तेरे जैसे हजारो मिलेंगे…..

एक हसरत थी की कभी वो भी हमे मनाये…पर ये कम्ब्खत दिल कभी उनसे रूठा ही नही..!!

इश्क में इसलिए भी धोखा खानें लगें हैं लोगदिल की जगह जिस्म को चाहनें लगे हैं लोग

अब शिकायतेँ तुम से नहीँ खुद से है.. माना के सारे झूठ तेरे थे.. लेकिन उन पर यकिन तो मेरा था!!

एहसास अल्फाजों के मोहताज नहीं होते.फिर क्यों तेरे हर लफ्ज़ का बेसब्री से इंतजार रहता है

दिल करता है की लिपट जाऊँ रूह बन कर तेरे जिस्म से… कि जब तू मुझ से जुदा हो तो मेरी जान निकल जाये..

धडकनों को कुछ तो काबू में कर ए दिल अभी तो पलकें झुकाई है मुस्कुराना अभी बाकी है उनका.

ये ‪‎इश्क़‬ भी नशा-ए-‪‎शराब‬ जैसा हैं, करे तो मर जाये छोड़े तो किधर जाये.

परिवर्तन संसार का नियम है। जिसे तुम मृत्यु समझते हो, वही तो जीवन है…

रिश्ते खराब होने की एक वजह ये भी है, कि लोग अक्सर टूटना पसंद करते है पर झुकना नहीं!

चलो अब जाने भी दो….क्या करोगे दास्तां सुनकर,,, ख़ामोशी तुम समझोगे नही….और बयां हमसे होगा नही !

तासीर इतनी ही काफी है की वो मेरा दोस्त है, क्या ख़ास है उसमे ऐसा कभी सोचा ही नही

अजीब दस्तूर है, मोहब्बत का, रूठ कोई जाता है, टूट कोई जाता है

शौक से बदलो मगर इतना याद रखना.. ऐ यार मेरे!.. हम जो बदले तो करवटें बदलते ही रह जाओगे!

ऐसा जीवन जियो कि अगर कोई आपकी बुराई भी करे तो कोई उस पर विश्वास ना करे।

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