यदि होना है मालामाल तो कृष्ण जन्माष्टमी के दिन करें ये उपाय

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16 कलाओं से सम्पन्न भगवान श्री कृष्ण का अवतरण भाद्रपद कृष्ण अष्टमी को रात्रि 12 बजे मथुरा नगरी के कारागार में वासुदेव जी की पत्नी देवकी के गर्भ से रोहिणी नक्षत्र में एवं वृषभ के चंद्रमा की स्थिति में बुधवार के दिन हुआ था। 
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार भगवान श्री कृष्ण लगभग 5 हजार 243 वर्ष पूर्व मध्य रात्रि में इस धरती पर अवतरित हुए थे। वर्ष 2017 में श्री कृष्ण जन्माष्टमी ( Krish Janmashtami ) का पर्व सोमवार 14 अगस्त को मनाया जायेगा । 

हिन्दू धर्म शास्त्रों में जन्माष्टमी ( Janmashtami ) के दिन व्रत रखने का बहुत महत्व बताया गया है। शास्त्रों के अनुसार जो व्यक्ति पूर्ण श्रद्धा और विश्वास के साथ प्रसन्नचित होकर इस दिन व्रत रखते हैं, उनके घर कारोबार में सदैव स्थिर लक्ष्मी का वास रहता है, उनको कार्यो में मनवाँछित सफलता प्राप्त होती है ।स्कंद पुराण के अनुसार यदि जो मनुष्य जानते हुए भी जन्माष्टमी ( Janmashtami ) का व्रत नहीं रखता, वह जंगल में सृप के समान होता है। 

जन्माष्टमी ( Janmashtami ) की रात्रि तंत्र मन्त्र के लिए, अपनी इच्छाओं की पूर्ति के लिए किये गए उपायों के लिए बहुत ही विशेष मानी गयी है । इसीलिए इस रात्रि को मोह रात्रि भी कहते है । 
शास्त्रों के अनुसार श्री कृष्ण की पत्नी रुक्मणी माँ लक्ष्मी का अवतार थी अत: अगर इस दिन भगवान श्रीकृष्ण को प्रसन्न करने के लिए विशेष उपाय किए जाएं तो माता लक्ष्मी भी प्रसन्न हो जाती हैं और भक्तों पर कृपा बरसाती हैं। अपनी समस्त इच्छाओं की पूर्ति के लिए, अभीष्ट लाभ की सिद्धि के लिए जन्माष्टमी के दिन ये उपाय पूर्ण श्रद्धा एवं विश्वास से अवश्य ही करें- 

Diwali Diye धन लाभ के लिए :- आर्थिक संकट के निवारण के लिए ,धन लाभ के ;लिए जन्माष्टमी ( Janmashtami ) के दिन प्रात: स्नान आदि करने के बाद किसी भी राधा-कृष्ण मंदिर में जाकर प्रभु श्रीकृष्ण जी को पीले फूलों की माला अर्पण करें। इससे आर्थिक संकट दूर होने लगते है धन लाभ के योग प्रबल होते है । 

Diwali Diye मनोकामनाओं की पूर्ति के लिए :- जन्माष्टमी ( Janmashtami ) के दिन प्रात: दक्षिणावर्ती शंख में जल भरकर भगवान श्रीकृष्ण का अभिषेक करें । इसके बाद यह उपाय हर शुक्रवार को करें । इस उपाय को करने वाले जातक से मां लक्ष्मी शीघ्र प्रसन्न होती हैं। इस उपाय को करने से समस्त मनोकामनाएँ पूर्ण होती है । 

Diwali Diye ऐश्वर्य प्राप्ति के लिए :- जन्माष्टमी ( Janmashtami ) के दिन भगवान श्रीकृष्ण को सफेद मिठाई, साबुतदाने अथवा चावल की खीर यथाशक्ति मेवे डालकर बनाकर उसका भोग लगाएं उसमें चीनी की जगह मिश्री डाले , एवं तुलसी के पत्ते भी अवश्य डालें। इससे भगवान द्वारकाधीश की कृपा से ऐश्वर्य प्राप्ति के योग बनते है।

kalash धन-यश की प्राप्ति :- भगवान श्रीकृष्ण को पीतांबर धारी भी कहलाते हैं, पीतांबर धारी का अर्थ है जो पीले रंग के वस्त्र पहनने धारण करता हो। इसलिए श्री कृष्ण जन्माष्टमी ( shree krishna janamashtami ) के दिन किसी मंदिर में भगवान के पीले रंग के कपड़े, पीले फल, पीला अनाज व पीली मिठाई दान करने से भगवान श्रीकृष्ण व माता लक्ष्मी दोनों प्रसन्न रहते हैं, उस जातक को जीवन में धन और यश की कोई भी कमी नहीं रहती है ।

kalash सर्व कार्य सिद्धि :- जन्माष्टमी के दिन श्रीकृष्ण जी के मंदिर में जटा वाला नारियल और कम से कम 11 बादाम चढ़ाएं । ऐसी मान्यता है कि जो जातक जन्माष्टमी ( janamashtami ) से शुरूआत करके कृष्ण मंदिर में लगातार सत्ताइस दिन तक जटा वाला नारियल और बादाम चढ़ाता है उसके सभी कार्य सिद्ध होते है, उसको जीवन में किसी भी चीज़ का आभाव नहीं रहता है।

kalash व्यापार, नौकरी में तरक्की :- कई बार काफी कोशिशों के बाद व्यापार, नौकरी में मनवाँछित सफलता नहीं मिल पाती है इसलिए जन्माष्टमी ( janamashtami ) के दिन अपने घर में सात कन्याओं को घर बुलाकर उन्हें खीर या सफेद मिठाई खिलाकर कोई भी उपहार दें । ऐसा उसके बाद पांच शुक्रवार तक लगातार करें। इसे करने से माँ लक्ष्मी की कृपा से व्यापार, कारोबार में मनवाँछित सफलता मिलती है ।

kalash स्थाई धन लाभ का उपाय :- जन्माष्टमी के दिन भगवान श्रीकृष्ण को पान का पत्ता अर्पित करें फिर उसके बाद उस पत्ते पर रोली से ” श्री ” मंत्र लिखकर उसे अपनी तिजोरी में रख लें। इस उपाय से लगातार धन का आगमन होता रहता है ।

kalash विपुल ऐश्वर्य, स्थाई सुख समृद्धि :-जन्माष्टमी ( janamashtami ) की रात को 12 बजे जब भगवान श्रीकृष्ण का जन्म हुआ था उस समय भगवान श्री कृष्ण का केसर मिश्रित दूध अथवा पंचामृत से अभिषेक करें। फिर उन्हें गंगा जल / साफ जल से स्नान कराकर वस्त्र अर्पित करके आसन / झूला पर बैठाएं । तत्पश्चात भगवान को मिश्री , मक्खन, मिठाई, फल अर्पित करके दक्षिणा चढ़ाएं, अंत में भगवान की आरती करके उनसे अपने यहाँ स्थाई रूप से रहने का निवेदन करें। जातक पूजा करने के बाद घर के सभी बड़े सदस्यो के चरण छूकर उनका आशीर्वाद भी अवश्य ही लें ।

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