इनमें से एक योग भी कुंडली में बन रहा है तो समझ लें खुलने वाली है आपकी किस्मत

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समुद्रशास्‍त्र के योग – ज्‍योतिषशास्‍त्र के आधार पर किसी भी व्‍यक्‍ति के स्‍वभाव और उसके भविष्‍य के बारे में जाना जा सकता है।

जन्‍म के समय और तिथि के अनुसार ही कुंडली का निर्माण होता है और इस कुंडली में ग्रहों की दशा ही आपका भविष्‍य निर्धारित करती है।

भारत में कई विद्याएं हैं जिनसें व्‍यक्‍ति के भविष्‍य का आंकलन किया जा सकता है और इन्‍हीं विद्याओं में से एक है सामुद्रिक शास्‍त्र। जी हां, समुद्र शास्‍त्र के अनुसार व्‍यक्‍ति के शरीर की बनावट, शरीर पर किसी चिह्न या उसके हाव-भाव से उसके भविष्‍य और वर्तमान के बारे में पता लगाया जा सकता है।

समुद्र शास्‍त्र के अनुसार व्‍यक्‍ति के शरीर पर मौजूद चिह्नों से उसकी किस्‍मत में राजयोग का पता लगाया जा सकता है। जिस व्‍यक्‍ति के पैर के तलवे पर कुण्‍डल, अंकुश या चक्र का निशान होता है वो इस संसार पर राज करता है और अपने देश का प्रतिनिधित्‍व करता है।

समुद्रशास्‍त्र के योग –

भाग्‍य रेखा

मध्‍यमा अंगुली से लेकर मणिबंध तक फैली होती है भाग्‍य रेखा। अगर ये रेखा स्‍पष्‍ट और कहीं से भी कटी हुई ना हो तो ऐसे व्‍यक्‍ति को इस दु‍निया के सभी सांसारिक सुखों की प्राप्‍ति होती है।

समुद्रशास्‍त्र के योग

पंच महापुरुष योग

समुद्रशास्‍त्र में पांच तरह के योग हाते हैं जो किसी भी व्‍यक्‍ति की किस्‍मत का निर्धारण करते हैं।

आइए जानते हैं समुद्रशास्‍त्र के योग के बारे में :

१ – रुचक योग

मंगल से बनने वाले इस योग में जन्‍म लेने वाला व्‍यक्‍ति दिखने में सरल और लंबे शरीर वाला होता है। ये अपने कर्त्तव्‍यों का पालन करते हैं और अपने से बड़ों को आदर देते हैं किंतु ये स्‍वभाव से क्रूर भी होते हैं।

समुद्रशास्‍त्र के योग

२ – शशक योग

अगर किसी व्‍यक्‍ति के जन्‍म के समय शनिकृत शशक योग बन रहा है तो वह व्‍यक्‍ति बहुत साहसी होता है। इनका कद थोड़ा छोटा होता है। ये किसी भी कार्य को करने में सक्षम होते हैं। देशभक्‍त के साथ-साथ ये बुद्धिमान भी होते हैं।

समुद्रशास्‍त्र के योग

३ – मालव्‍य योग

इस महापुरुष योग में जन्‍म लेने वाले जातक का शरीर चंद्रमा के समान चमकता है। लंबी नाक, सफेद दांत वाले इन लोगों की आयु 70 साल तक होती है।

समुद्रशास्‍त्र के योग

४ – हंस योग

देवों के गुरु बृहस्‍पति से बनने वाला यह योग भी व्‍यक्‍ति को धनवान बना सकते हैं। इस योग में जन्‍म लेने वाले व्‍यक्‍ति का कद ऊंचा और नाक काफी लंबी होती है। इनकी आवाज़ मधुर होती है। इनके लिए शारीरिक संबंध ज्‍यादा मायने रखते हैं।

समुद्रशास्‍त्र के योग

५ – भद्रयोग

बुध से बनने वाला यह योग व्‍यक्‍ति को साहसी बनाता है। इनकी छाती चौड़ी और भुजाएं लंबी होती हैं। ये बहुत आकर्षण होते हैं। इन्‍हें गंभीर स्‍वभाव का कहा जा सकता है। इस योग के साथ जिस व्‍यक्‍ति के हाथों और पैंरों में शंख, तलवार, हाथी, गदा, पुष्‍प, बाण, झंडा या कमल का निशान हो तो उस व्‍यक्‍ति की आयु 80 साल तक होती है।

समुद्रशास्‍त्र के योग

ये है समुद्रशास्‍त्र के योग – अगर आपकी कुंडली में उपरोक्‍त बताए गए योगों में से कोई भी एक योग बन रहा है और आपकी शारीरिक बनावट उपरोक्‍त जानकारी से मेल खाती है तो समझ जाएं कि जीवन में कभी ना कभी आपकी किस्‍मत भी चमक जाएगी और आप भी धनवान बन सकते हैं।

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