बुखार कम करने के घरेलु उपाय

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बुखार आने के कारण और सरल घरेलु उपचार

मौसम बदलने, तापमान परिवर्तन तथा संक्रमण होने के कारण कई लोगों को बुखार की समस्या हो जाती है. बदलते मौसम में बुखार की समस्या होने कोई गम्भीर समस्या नहीं है. कभी वायरल फीवर के नाम पर तो कभी मलेरिया जैसे नामों से यह सभी को अपनी चपेट में ले लेता है. लेकिन अगर बुखार का समय पर इलाज ना कराया जाये तो बुखार और भी कई बीमारियों का कारण बन जाता है. कई बुखार तो ऐसे हैं जो बहुत दिनों तक आदमी को अपनी चपेट में रखकर उसे पूरी तरह से कमजोर बना देता है.

आमतौर पर बुखार या तो गलत आहार-विहार के कारण, कुपित हुए दोषों से उत्पन्न या किसी आगंतुक के कारण होता है. पुराने समय से हम देखते औए सुनते आए है कि घरेलू नुस्खे और आयुर्वेदिक जड़ी बूटियाँ हमारे स्वास्थ्य के लिए बहुत ही लाभदायक होती है. बुखार की समस्या को दूर करने के लिए भी आप कुछ सरल घरेलू उपायों की मदद ले सकते हैं. जिसके प्रयोग से आसानी बुखार की समस्या को कम किया जा सकता है.

बुखार आने के कारण 

टाइफाइड – टाइफाइड एक खतरनाक बीमारी है. टाइफाइड की बीमारी होने के कारण लोगो को तेज बुखार आने लगता है.

वायरल – अनेक बार क्यों लोगो को वायरल के कारण भी बुखार की समस्या होने लगती है. वायरस के संक्रमण से होने वाले बुखार को वायरल फीवर कहते हैं. वायरल बुखार के वायरस गले में सुप्तावस्था में निष्क्रिय रहते हैं.

मलेरिया – मलेरिया एक प्रकार का बुखार है जो ठण्‍ड या सर्दी (कॅंपकपी) लग कर आता है. मलेरिया रोगी को रोजाना या एक दिन छोडकर तेज बुखार आता है.

डेंगू – डेंगू बुखार मच्छरों के काटने से होने वाली एक दर्दनाक बीमारी है. जो मादा एडीस मच्छर के काटने से फैलता है. डेंगू होने पर लोगो को तेज बुखार आने लगता है.

मौसम का बदलाव – अचानक मौसम में बदलाव तथा ठंडा गर्म होने के कारण अनेक समस्याएं आने लगती हैं. मौसम में बदलाव को कुछ लोग सहन नहीं कर पाते जिसके कारण उन्हें तेज बुखार की समस्या होने लगती है.

बुखार को कम करने के आसान घरेलु उपचार 

गीले मोजे बुखार को कम करने के लिए

यदि किसी को तेज बुखार आ जाये तो सूती मोज़े लें. अब इन मोजो को ठंडे पानी में डालें. इन मोजो का एक्स्ट्रा पानी निचोड़ कर पैरों में पहना दें.जब यह मोज़े पैरों में सुख जाए तो दुबारा इस प्रक्रिया को दोहराए. इससे शरीर का तापमान कम होगा.

आलू का प्रयोग बुखार को कम करने के लिए

यदि किसी व्यक्ति को तेज बुखार हो तो उसके उपचार के लिए कच्चे आलू का टुकड़ा लेकर रोगी के तलुओं और हथेली मे रगड़ें , रोगी को खुला रखें उसके सिर पर ठंडी पट्टियाँ रखें. इससे बुखार कम होने लगेगा.

मेथी के पानी के फायदे बुखार को कम करने के लिए

बुखार की स्थिति होने पर आधा कप पानी में में एक बड़ा चम्म्च मेथी के बीज भीगा दें. अलगी सुबह इस पानी को पीए. नियमित अंतराल में इस पानी के सेवन से बुखार कम होने लगेगा.

नींबू का प्रयोग बुखार को कम करने के लिए

निम्बू अनेक बीमारियों को ठीक करने के साथ-साथ बुखार का भी रामबाण इलाज है. इसके प्रयोग के लिए निम्बू को काट कर उसका एक टुकड़ा लें और उससे अपने पैरों के तलों पर मसाज करें. इस प्रयोग से आपको आसानी से बुखार की समस्या से राहत मिलेगी.

लहसुन का उपयोग बुखार को कम करने के लिए

कच्‍चे लहसुन के टुकड़े लें और इसमें थोड़ा शहद लगाकर इसका सेवन करें. इसके अलावा लहसुन की दो कलियों को दो चम्‍मच ऑलिव ऑयल में मिलाकर इसे गर्म कर लें और इससे अपने पैरों के तलों में मसाज करें. अपने पैरों को सारी रात के लिए लपेटकर रखें. इससे आसानी से बुखार कम होने लगेगा.

सिरका का फायदा बुखार को कम करने के लिए

जब भी आप नहाने जाए तो नहाने के पानी में आधा कप सिरका मिला कर दस मिनट के लिए ऐसे ही छोड़ दें. अब इस पानी से नहाए. इससे आपको फायदा होगा.

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