बेटे के नाम माँ की चिठ्टी आपको रुला देगी || Emotional Sad Story Mother

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बेटे के नाम माँ की चिठ्टी आपको रुला देगी || Emotional Sad Story Mother

मुझे अगले संडे को किटी पार्टी में जाना है सुदेश,   तुम तो जानते हो मेरी फ्रेंड्स किटी में कितनी सज सवंर कर आती है …और मैंने तो अभी तक भी शॉपिंग नहीं की है…..  सुदेश इस बार मैं किटी शॉपिंग के लिए बहुत लेट हो गयी हूँ…. और किटी के बाद मुझे कच्ची बस्ती के बच्चों के पास भी जाना है…वहाँ मैं कुछ न्यूज़ पेपर वालो को भी बुलाऊंगी अगले दिन के न्यूज़ पेपर में मेरी फोटो के लिए ……अब देखो ना सुदेश , मिसेस सक्सेना ने तो वृद्धाश्रम जाकर मिठाई और कपड़े बाँट कर, अपनी पोस्ट कल ही फेसबुक पर डाल भी दी…. और मिसेस शर्मा भी अनाथालय में गिफ्ट बांटती हुई अपनी फोटो इंस्टाग्राम में डाली है,..हर शुभ काम मेरे दिमाग में लेट ही आता है …… सुदेश तुम सुन भी रहे हो मै क्या बोल रही हूँ…… सुदेश झुंझला कर बोला हां यार सुन रहा हूँ मैंने तुझे कब मना किया था, शॉपिंग के लिए, ड्राइवर को लेके चली जाती और तुम भी किसी आश्रम में दें आती जो तुम्हें देना है, और अपनी नेकी करती तस्वीरें डाल देतीं फेसबुक और न्यूज़ पेपर में …. मुझे क्यूँ सुना रही हो

शर्ट की बटन लगाते हुए सुदेश बोला , अब और कितनी देर लगाओगी तैयार होने में….. मुझे आज ही अपने स्टाफ को बोनस बांटने भी जाना है …जल्दी करो मेरे पास इतना टाईम नहीं है, बहुत से काम निपटने है … कह कर रूम से बाहर निकल गया …सुदेश की तभी बाहर लॉन मे बैठी माँ पर नजर पड़ी….सुदेश कुछ सोचते हुए वापिस रूम में आया। और बोला रागिनी हम शॉपिंग के लिए जा रहे है…..क्या तुमने माँ से पूछा कि उसको भी कुछ चाहिए क्या …. रागिनी बोली –  नहीं  और वैसे भी अब उनको इस उम्र मे क्या चाहिए यार, दो वक्त की रोटी और दो जोड़ी कपड़े इसमे पूछने वाली क्या बात है.
सुदेश बोला – वो बात नहीं है रागिनी , माँ पहली बार गर्मियों की छुट्टियों में हमारे घर रुकी हुई है… वरना तो हर बार गाँव में ही रहती है तो सिर्फ एक formality के लिए ही पूछ लेती… ….झल्लाकर तीज आवाज मे रागिनी बोली – अरे, इतना ही माँ पर प्यार उमड़ रहा है , तो खुद क्यूँ नही पूछ लेते  , और कंधे पर हेंड बैग लटकाते हुए तेजी से बाहर निकल गयी…… सुदेश माँ के पास जाकर बोला – माँ …..मैं और रागिनी उसकी शॉपिंग के लिए बाजार जा रहे हैं आपको कुछ चाहिए तो बता दीजये….. माँ बीच में ही बोल पड़ी मुझे कुछ नही चाहिए बेटा…. सुदेश फिर से बोला – सोच लो माँ अगर कुछ चाहिये तो बता दीजिए pls….. सुदेश के बहुत जोर देने पर माँ बोली ठीक है तुम रुको मै लिख कर दे देती हूँ, तुम्हें और बहू को बहुत खरीदारी करनी है कहीं भूल ना जाओ कहकर, सुदेश की माँ अपने कमरे में चली गई, कुछ देर बाद बाहर आई और लिस्ट सुदेश को थमा दी।

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