घर के मंदिर में न करें ये गलतियां, होगी हानि

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घर के मंदिर में न करें ये गलतियां, होगी हानि

हर घर में देवी-देवताओं के लिए एक अलग स्थान होता है। कई घर में अपने तरीके से छोटे या बड़े मंदिर बनाते है। हमें उनकी पूजा करने से सभी दुख-दर्द कम होता है साथ ही इससे आपके मन की शांति मिलती है। जिन धरों में विधि विधान से पूजा की जाए तो घर में सकारात्मक ऊर्जा आती है। जिससे घर की दरिद्रता दूर हो जाएगी, लेकिन कुछ जानकारी न होने पर हम कुछ गलतियां कर बैठते है जिससे कि घर में अशांति उत्पन्न होने लगती है। देवी-देवताओं की विधि-विधान और सच्चें मन से की जाए तो भगवान जल्द ही प्रसन्न हो जाते है। जानिए ऐसी ही बातों के बारें में जो घर के मंदिरों में नहीं करनी चाहिए।

 

  • घर के मंदिर में आप गणेश जी की मूर्ति रखते है, लेकिन इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि मंदिर में गणेश जी की तीन मूर्तियां नहीं रखनी चाहिए। ऐसा करने से आपके घर में अशांति आ सकती है।
  • अपने घर के मंदिर में शंख तो जरुर रखते होगे, लेकिन इस बात का ध्यान रहे कि एक से ज्यादा शंख मंदिर में न हो। अगर ऐसा हो तो एक शंख मंदिर से हटा दे।
  • घर के मंदिर में ज्यादा बड़ी मूर्तियां नहीं रखनी चाहिए। यदि आप अपने मंदिर में शिवलिंग रखना चाहते हैं तो शिवलिंग अपने अंगूठे के आकार से बड़ा नहीं होना चाहिए। शिवलिंग बहुत संवेदनशील होता है और इसी वजह से घर के मंदिर में छोटा-सा शिवलिंग रखना शुभ होता है।
  • शास्त्रों के अनुसार घर में कभी भी खंडित मूर्तिया नही रखनी चाहिेए, क्योंकि इससे घर में नकारात्मक ऊर्जा का स्त्रोत खुल जाता है। जो अशुभ माना जाता है। इसलिए घर में खंडित मूर्ति की पूजा वर्जित है।
  • मंदिर में पूजन करते समय यह बात ध्यान रखा जाना चाहिए कि पूजा के बीच में दीपक नही बुझना चाहिए। ऐसा होने पर पूजा का पूर्ण फल प्राप्त नहीं हो पाता है।
  • हमेशा देवी-देवताओं को फूल और पत्तियां अर्पित करने से पहले एक बार साफ पानी से जरुर धो लेना चाहिए।
  • तुलसी के पत्तों को 11 दिनों तक बासी नहीं माना जाता है। इसलिए इसकी पत्तियों पर हर रोज जल छिड़कर आप भगवान को अर्पित कर सकते है।
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  • मंदिर में पूजा करते समय जिस आसन में आप बैठते है उसे  इधर-उधर पैरों से न खिसकाए। हमेशा हाथों का इस्तेमाल करे।
  • पूजन के बाद आसन छोड़ने से पहले जल जरुर अर्पण करे। शास्त्रों के अनुसार माना जाता है कि ऐसा न करने से इंद्रदेव आपकी पूजा का फल ले लेते है।
  • किसी भी प्रकार का पूजन कर रहे है तो अपने कुल देवता, कुल देवी, घर के वास्तु देवता, ग्राम देवता आदि का ध्यान और पूजन जरुर करना चाहिए।
  • श्रीगणेश की 3, भगवान सूर्य की 7, विष्णुजी की 4 और शिवजी की आधी परिक्रमा करनी चाहिए।
  • दीपक को हमेशा भगवान का प्रतिमा के सामने ही रखना चाहिए। कभी-कभी ऐसा होता कि भगवान की प्रतिमा के सामने दीपक न लगाकर इधर-उधर लगा दिया जाता है, जबकि यह सही नहीं है।
  • घर में या मंदिर में जब भी कोई विशेष पूजा करें तो अपने इष्टदेव के साथ ही स्वस्तिक, कलश, नवग्रह देवता, पंच लोकपाल, षोडश मातृका, सप्त मातृका का पूजन जरुर करना चाहिए।
  • कभी भी खंडित दीपक का इस्तेमाल नही करना चाहिए। शास्त्रों में ऐसी सामग्री को वर्जित माना गया है।
  • घी के दीपक के लिए सफेद रुई की बत्ती का इस्तेमाल करना चाहिए,लेकिन तेल के दीपक के लिए लाल धागे की बत्ती श्रेष्ठ मानी जाती है।
  • भगवान शिव को कभी भी हल्दी और शंक से जल नही चढाना चाहिए।
  • पूजा घर के आस-पास कभी भी गंदगी और जूते-चप्पल नही रखनें चाहिए।

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