गृह कलह दूर करने के उपाय

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हर व्यक्ति चाहता है कि उसका सुखी संसार हो परिवार के सदस्यों के मध्य प्रेम और सहयोग का भाव हो, परिवार में आपस में लोग एक दूसरे का ख्याल रखे, बड़ो को सम्मान और छोटो को भरपूर प्यार मिले । जिस घर के सदस्यों के मध्य प्रेम रहता है वह घर स्वर्ग के समान होता है उस घर पर देवताओं की कृपा रहती है,शुभ कार्य संपन्न होते रहते है, वहाँ के लोग संस्कारी होते है उस घर के लोग जीवन में बहुत आगे बढ़ते है समाज में उस वंश का नाम रौशन करते है ।
लेकिन जहाँ कलह – कलेश होता है वहाँ के लोगो का जीवन अत्यंत कष्टप्रद होता है, वहाँ रोग, निराशा, दुर्भाग्य, दरिद्रता रहती है, उस घर में नकारात्मक ऊर्जा छाई रहती है, सन्तान नियन्त्रण से बाहर हो जाती है घर छोड़ के चली जाती है वहाँ पर मनुष्य या देवता कोई भी आना पसंद नहीं करते है ।
हम यहाँ पर कुछ उपाय बता रहे है जिसको करके अपने घर परिवार से कलह-क्लेश को अवश्य ही दूर रख सकते है ।

* घर से कलह दूर रखने के लिए,प्रेम और सौहार्दय बनाए रखने के लिये घर में रोज या सप्ताह में एक बार नमक मिले पानी का पोछा अवश्य लगवाये। इससे घर में शान्ति का वातावरण बनता है।

* यदि घर में क्लेश रहता है घर के सदस्यों में मतभेद रहते है तो घर में आटा शनिवार को ही पिसवाएं या खरीदे और साथ ही १०० ग्राम पिसे काले चने भी लें जो उस आटे में मिला दें, घर से कलह कोसो दूर रहेगी।

* घर में कलह-क्लेश है तो उस घर में रसोई घर में जरूर दोष होगा। रसोई घर आग्नेय कोण की जगह किसी और जगह बना होगा , या रसोई घर में चूल्हा अथवा पानी का स्थान सही नहीं होगा । इसके लिए रसोई के आग्नेय कोण में एक छोटा लाल रंग का बल्ब लगा दें जो हमेशा जलता रही एवं रसोई घर की दक्षिणी दीवार पर यज्ञ करते हुए ऋषि-मुनियों का चित्र भी अवश्य ही लगाएं । इससे भी घर में सुख-शान्ति बनी रहती है।

* यदि परिवार के सदस्यों में आये दिन झगड़े होते हों, परिवार में कलह हो तो परिवार का मुखिया रात्रि को अपने पलंग के नीचे एक लोटा जल रख दे और रविवार को छोड़कर सुबह स्नान, घर की पूजा के बाद “ॐ नमो भगवते वासुदेवाय नम:” मन्त्र का जाप करते हुए वह जल पीपल को चढ़ायें। इससे परिवार में कलह दूर होती है, घर में प्रेम और शान्ति का वातावरण बनता है ।

* अपने घर में जूते चप्पल रखने का स्थान सुनिश्चित करें । घर में जूते चप्पल इधर उधर बिखेरकर या उलटे करके नहीं रखने चाहिए । इससे घर में कलह होती है , घर के मुखिया को मानसिक तनाव बना रहता है ।

* जिस घर में रोटी बनाते समय तवा गर्म होने पर पहले उस पर ठंडे पानी के छींटे डालकर फिर रोटी बनायीं जाती है उस घर से कलेश दूर दूर रहता है , घर के सदस्यों के मध्य प्रेम भाव बना रहता है ।

* यदि पति-पत्नी के मध्य तनाव अधिक रहता हो तीन गोमती चक्र लेकर घर के दक्षिण में हलूं बलजाद कहकर फेंक देंने से सम्बन्ध सुधरने लगते है। grah-kalah-dur-karne-ke-upay

* यदि तमाम प्रयासों के बावजूद भी घर के सदस्यों के मध्य तालमेल का आभाव हो, घर में कलह रहती हो तो घर में निश्चित ही दूटा बर्तन, टूटा काँच / शीशी , पुराना टूटा जंग खाया अनुपयोगी लोहा आदि होगा उसे शीघ्र ही घर से बाहर करें, घर के सदस्यों के आपसी सम्बन्धो में सुधार होने लगेगा ।

* घर से कलह को दूर रखने के लिए घर में बनने वाली पहली रोटी को देसी घी से चुपड़कर गुड़ के साथ गाय को खिलाएं।

* झाड़ू की दो साफ सींको को उल्टा – सीधा रखकर नीले धागे से बांधकर घर के दक्षिण – पश्चिम में रखने से दाम्पत्य जीवन में प्रेम बड़ता है ।

* सुखी दाम्पत्य जीवन के लिए पाँच गोमती चक्र को लाल सिंदूर की डिब्बी में घर में रखे , इससे पति पत्नी के बीच प्रेम बना रहता है।

* दो जमुनिया रत्न लेकर उन्हें गंगाजल में डूबा दें। हर शनिवार को इस गंगा जल का पूरे घर में छिड़काव करें। पति पत्नी के बीच आपसी प्रेम सम्बन्ध सदैव मधुर रहेंगे।

* घर से रोग, कलह, क्लेश और नकारात्मक ऊर्जा को दूर करने के लिए नित्य हनुमान चालीसा की चौपाई को ज्यादा से ज्यादा मन्त्र की तरह बोलना चाहिए
“बुद्धिहीन तनु जानिके, सुमिरौं पवन – कुमार ।
बल बुधि बिद्या देहु मोहिं, हरहु कलेस बिकार”॥

* यदि पति पत्नी के मध्य कलह रहती हो तो पति को शुक्रवार को अपनी पत्नी को काँटे रहित सुन्दर पुष्प एवं सुगन्धित इत्र भेंट करें साथ ही चाँदी की कटोरी में चम्मच से दही में चीनी मिलाकर अपनी पत्नी को खिलाऐं, इससे आपस में सदैव प्रेम बना रहता है।

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