दिवाली की दिल छू लेने वाली कहानी | Heart Touching Emotional Sad Story

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दिवाली की दिल छू लेने वाली कहानी | Heart Touching Emotional Sad Story

पूरे मोहल्ले में दीपावली की धूम मची थी। बच्चों ने नए-नए कपड़े पहन रखे थे। उनके गुलगपाड़े और शोर-शराबे से पूरा मोहल्ला गूंज रहा था। हर घर दीपों की रोशनी से झिलमिला रहा था। कहीं-कहीं बिजली के बल्ब भी शान से‍ टिमटिमा रहे थे। लेकिन इन सब रंगीनियों से बहुत दूरकमला काकी का मकान लगभग अंधेरे में डूबा हुआ था। यद्यपि उनके मकान पर भी दो दीपक जल रहे थे, लेकिन इस जगमगाहट में वे निस्तेज से लग रहे थे।

दूसरे, किसी को इसकी खबर हो या न हो, लेकिन नन्हें आदित्य को यह बहुत अजीब लग रहा था। वह सोच रहा था- आखिर कमला काकी दिवाली क्यों नहीं मनाती हैं?
उसे अच्छी तरह से याद था कि कमला काकी ने पिछले साल भी दीये नहीं जलाए थे और शायद उससे पिछले साल भी नहीं।
आदित्य को यह अच्छा नहीं लग रहा था कि आज के दिन कोई दुखी और उदास रहे। वह अच्‍छी तरह समझता था क‍ि जब कोई दुखी व उदास होता है, तभी त्योहार नहीं मनाता है। लेकिन काकी को क्या दुख है, यह बात वह नहीं जानता था।
आज मैं काकी का दु:ख जानकर ही रहूंगा। यह निर्णय करके वह जा पहुंचा अपनी मां के पास।

मां उस समय रसोईघर में मिठाई तैयार कर रही थीं। आदित्य को कुछ चिंतित देखकर व्यग्रता से पूछा- क्या सोच रहा है बेटा।
मां, कमला काकी हमारी तरह बहुत सारे ‍दीपक क्यों नहीं जलाती हैं? आदित्य ने पूछा।
वे बहुत दुखी हैं, बेटा। उन्हें दिवाली का त्योहार अच्‍छा नहीं लगता, क्योंकि इस दिन उनका इकलौता बेटा पटाखे चलाते

Heart Touching Emotional Sad Story make you cry || Praveen Jain Kochar

 

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