मंगलवार को करें यह उपाय, बन जाएगा बिगड़ा काम

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हनुमानजी भगवान शिव के अवतार हैं। हनुमानजी एक ऐसे देवता हैं जो थोड़ी सी प्रार्थना और पूजा से ही शीघ्र प्रसन्न हो जाते हैं। वो अष्ट सिद्धि और नौ निधियों के दाता हैं। अर्थात हनुमानजी को प्रसन्न कर आप धन, संपत्ति, विद्या, स्वास्थ्य, वैभव, संतान सभी कुछ प्राप्त कर सकते हैं। तो आइए जाने हनुमानजी को कैसे करें प्रसन्न।

हनुमानजी की आराधना की विधि

साम्रगी- एक चैकी, लाल कपड़ा, हनुमान जी की मूर्ति या तस्वीर, रोली, चावल, अगरबत्ती, ताजा बना भोजन, नारियल, गुड़-चना, गंगा जल, पुष्प, फल आदि।

1. सबसे पहले स्नान कर पूजन स्थल को साफ करें और उस पर चैकी बिछायें।

2. चैकी पर लाल कपड़ा अच्छी तरह बिछालें। चैकी के चारे ओर गंगाजल छिड़कें। उसके पश्चात हाथ धोलें।

3. भगवान गणेश से प्रार्थना करें कि वो आपकी इस हनुमान पूजा को सफल बनाएं।

4. अब हनुमान जी का चित्र स्थापित करें और घी का दीपक जलाएं व अगरबत्ती जलायें।

5. हनुमान जी को रोली-अक्षत से तिलक करके उनके समक्ष पुष्प, नारियल और सिंदूर अर्पित करें।

6. इसके पश्चात हनुमान जी को ताजा बना भोजन, शुद्ध जल, चना गुड़, और फल अर्पित करें तथा हनुमान जी से पार्थना करें कि अज्ञानवश जो कुछ भी गलती आपसे हो गई हो उसे क्षमा कर वो आपकी पूजा को स्वीकार करने विराजमान हों।

9. रूद्राक्ष की माला से हनुमान जी के मंत्र ”ऊँ हं हनुमते नमः“ का 108 बार जाप करें।

10. इसके अतिरिक्त आप हनुमानजी के निम्न मंत्र का जाप भी कर सकते हैं।

“ऊँ नमो भगवते आत्र्जनेयाय महाबलाय स्वाहा।”

रामायण की चैपाइयों से कीजिए अपने मनोरथ को पूर्ण

अब आप अपनी प्रार्थना को को हनुमानजी जी को बताते हुए रामायण की अपनी मनोरथ के अनुसार रामायण की निम्न चैपाइयों का जाप कर सकते हैं।

1. हनुमानजी को प्रसन्न करने के लिएः-

“सुमिरि पवनसुत पावन नामू। अपने बस करि राखे रामू।।”

2. अपनी परेशानी को दूर करने के लिए

”संकट कटे मिटे सब पीरा। जो सुमिरै हनुमत बलबीरा।।“

3. नौकरी पाने के लिए/व्यापार में वृद्धि के लिए

विश्व भरण पोषण कर जोई। ताकर नाम भरत अस होई।।

4. शिक्षा में सफलता के लिए,

बुद्धिहीन तनु जानि के सुमिरो पवन कुमार।

बल बुद्धि विद्या देहु मोहि हरहु कलेश विकार।।

5. मुकदमे में विजय प्राप्त करने के लिए,

पवन तनय बल पवन समाना, बुद्धि बिबेक बिग्यान निधाना।।

6. रोग दूर करने के लिए,

लाय संजीवन लखन जियाय। श्री रघुवीर हरषि उर लाए।।

7. टोटकों से बचने के लिए,

भूत पिशाच निकट नहीं आवे। महावीर जब नाम सुनावै।।

8. राजपद प्राप्त करने के लिए,

तुम उपकार सुग्रीवहि कीन्हा। राम मिलाय राजपद दीन्हा।।

9.सभी कार्य में सफलता के लिए,

अतुलित बल धामं हेम शैलाभदेहं, दनुज वनकृशानुं ज्ञानिनामग्रण्यम।

सकल गुण निधानं वानराणम धीशं, रघुपति प्रिय भक्तं वातजातं नमामि।।

अपनी इच्छा की पूर्ति के लिए उससे संबंधित चैपाई का 108 बार जाप करें और उसके बाद कम से कम 21 दिन तक यह क्रिया दोहरायें। ऐसा करने से पवनपुत्र प्रसन्न होकर आपको आपकी मनोरथ पूर्ण होने का वरदान देते हैं।

 

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