दमा के मरीजों के लिए खुशखबरी, ये दवा करेगी बीमारी का पक्का इलाज

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शहरों में बढ़ रहे प्रदूषण के चलते अस्थमा यानि कि दमा का रोग तेजी से बढ़ रहा है। ऐसे वातावरण में लोगों के लिए सांस लेना तक दूभर हो गया है। अस्थमा के मरीजों के लिए बढ़ती ठंड और प्रदूषण दोनों ही नुकसानदायक होते हैं। सबसे ज्यादा चिंता की बात ये है कि ना सिर्फ वृद्ध बल्कि छोटे छोटे बच्चे भी अस्थमा की चपेट में आ रहे हैं। हालांकि देखा जाए तो जिन लोगों में रोग प्रतिरोधक क्षमता कम होती है। वे जल्दी अस्थमा की चपेट में आते हैं। हाल ही में हुई एक रिसर्च में दमा के मरीजों के लिए एक ऐसी एंटीबॉडी तैयार की गई है जिससे मरीजों को काफी आराम मिलेगा।

शोध में खोजी गई ये एंटीबॉडी वयस्कों में एलर्जी और दमा को रोकने में कारगर होगी। इस एंटीबॉडी को दवा के तौर पर लिया जा सकता है। इस शोध से एलर्जी की प्रभावी दवा बनाने की राह आसान हो सकती है। इस एंटीबॉडी की विशेष क्रिया एलर्जी की क्रिया में प्रतिरक्षा तंत्र पर उसके प्रभाव को रोक देती है। शोधकर्ताओं ने कहा कि एंटीबॉडी मानव शरीर में जटिल जैव रासायनिक प्रक्रिया पर असर डालती है, जिसके द्वारा यह मानव के एलर्जी एंटीबॉडी (आईजीई) को कोशिकाओं से जोड़ने से रोकती है और इस तरह से सभी एलर्जी वाले लक्षणों को होने से रोकती है।

अरहस विश्वविद्यालय के सहायक प्रोफेसर एडजार्ड स्पिलनर ने कहा, ‘हम अब इस एंटीबॉडी के प्रभावों का इसके लक्ष्य के साथ का वर्णन कर सकते हैं। इससे हमें यह समझने में मदद मिली कि कैसे यह आईजीई के साथ खास रिसेप्टर व शरीर की प्रतिरक्षी कोशिकाओं में हस्तक्षेप करती है, जो एलर्जी की क्रिया में हिस्टामिन को जारी करने के लिए जिम्मेदार होता है।’

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