मोर पंख और आपके जीवन की सुख- समृद्धि

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जीवन में मोर पंख से कई तरह के संकट दूर किये जा सकते हैं. अचानक कष्ट या विपत्ति आने पर घर अथवा शयनकक्ष के अग्नि कोण में मोर पंख लगाना चाहिए. थोड़े ही समय में सकारात्मक असर होगा.
* आयुर्वेद में मोर पंख से तपेदिक, दमा, लकवा, नजला और बांझपन जैसे दुसाध्य रोगों में सफलता पूर्वक चिकित्सा बताई गई है.
* धन-वैभव में वृद्धि की कामना से निवेदन पूर्वक नित्य पूजित मन्दिर में श्रीराधा-कृष्ण के मुकुट में मोर पंख की स्थापना करके/करवाकर 40वें दिन उस मोर पंख को लाकर अपनी तिजोरी या लॉकर में रख दें. धन-संपत्ति में वृद्धि होना प्रारम्भ हो जायेगी. सभी प्रकार के रुके हुए कार्य भी इस प्रयोग से बन जाते हैं.


* मोर का शत्रु सर्प है. अत: ज्योतिष में जिन लोगों को राहू की स्थिति शुभ नहीं हो उन्हें मोर पंख सदैव अपने साथ रखना चाहिए. राहु का दोष होने पर मोरपंख घर की पूर्वी और उत्तर पश्चिम की दीवार पर लगाएं। कहते हैं इस तरह घर में विषैले जीवों का डर भी नहीं रहता।
* जिन लोगों की कुण्डली में राहू-केतु कालसर्प योग का निर्माण कर रहे हों उन्हें अपने तकिये के खोल में 7 मोर पंख सोमवार की रात्रि में डालकर उस तकिये का उपयोग करना चाहिए साथ ही शयनकक्ष की पश्चिम दिशा की दीवार पर मोर पंखों का पंखा जिसमें कम से कम 11 मोर पंख लगे हों लगा देना चाहिए. इससे कुण्डली में अच्छे ग्रह अपनी शुभ प्रभाव देने लगेंगे और राहू-केतु का अशुभत्व कम हो जायेगा.
* अगर बच्चा जिद्दी होता जा रहा हो तो उसे नित्य मोर पंखों से बने पंखे से हवा करनी चाहिए या अपने सीलिंग फैन पर ही मोर पंख पंखुड़ियों पर चिपका देना चाहिए.


* नवजात शिशु के सिरहाने चांदी के तावीज में एक मोर पंख भरकर रखने शिशु को डर नहीं लगेगा नजर इत्यादि का डर भी नहीं रहेगा.
* कोई शत्रु ज्यादा तंग कर रहा हो मोर के पंख पर हनुमान जी के मस्तक के सिंदूर से मंगलवार या शनिवार रात्रि में उस शत्रु का नाम लिखकर के अपने घर के मन्दिर में रात भर रखें. प्रात:काल उठकर बिना नहाये-धोये चलते पाने में बहा देने से शत्रु-शत्रुता छोड़कर मित्रवत् व्यवहार करने लगता है. इस तरह मोर पंख से हम अपने जीवन के अमंगलों को हटाकर मंगलमय स्थिति को ला सकते हैं.
* आपको बता दें कि सांपों के डर को समाप्त करने के लिए सबसे अच्छा और सरल उपाय है घर में मोर पंख रखा जाए। मोर पंख घर में ऐसे स्थान पर रखें जहां से आसानी से दिखाई दे| सांप मोर पंख से डरते हैं क्योंकि मोर ही इसे मार कर खा जाता है। अत: सांप उस क्षेत्र में नहीं जाता है जहां मोर या मोर पंख दिखाई देता। मोर पंख सांपों को हमारे घर से दूर रखता है। मोर पंख को घर में रखने से केवल सांप का डर ही नहीं बल्कि बहुत सारे अन्य लाभ भी है।


* मोर पंख की सुंदरता आपके घर की सजावट बढ़ाने का काम भी करेगी। इसे घर में रखने से वातावरण में मौजूद नकारात्मक शक्तियां नष्ट हो जाती हैं और सकारात्मक ऊर्जा अधिक सक्रिय हो जाती है। इससे हमारी सोच पर भी सकारात्मक प्रभाव पड़ते हैं।
* अकसर फ्लैट्स में रसोई घर वास्तु के अनुसार नहीं होते। ऐसे में दो मोरपंख रसोईघर में स्थापित करें। मोरपंख भोजन बनाने वाले स्थान से दूर लगाएं। दोनों के नीचे मौलि बांध दें और पंखों पर गंगाजल छिड़क कर
” ॐ अन्नपूर्णाय नमः जाग्रय स्थापय स्वाहा ”
मंत्र से अभिमंत्रित कर स्थापित करें।
* घर का दरवाजा वास्तु अनुकूल न होने पर दरवाजे पर तीन मोर पंख लगाएं और –
” ॐ द्वारपालाय नमः जाग्रय स्थापय स्वाहा ”
मंत्र से अभिमंत्रित कर पंख के नीचे गणपति की छोटी प्रतिमा स्थापित करें।
* यदि पूजा स्थान वास्तु अनुकूल नहीं है, तो पूजा स्थान को कुमकुम का तिलक लगे और
” ॐ कूर्म पुरुषाय नमः जाग्रय स्थापय स्वाहा ”
मंत्र से अभिमंत्रित मोरपंखों से सजाएं। यहां शिवलिंग स्थापित करें।
* घर का द्वार यदि वास्तु के विरुद्ध हो तो द्वार पर तीन मोर पंख स्थापित करें।
मोरपंख के उपाय करते समय यह ध्यान रखा जाना चाहिए कि मोरपंख की प्राप्ति प्राकृतिक ढंग से की गई हो। क्योंकि मोर को किसी प्रकार की हानि पहुंचाकर प्राप्त किए गए मोरपंख में पक्षी को मिले कष्ट के कारण नकारात्मकता का प्रवेश हो जाता है और तब उसके सकारात्मक प्रभाव की क्षमता कम पड़ जाती है। ध्यान रहे अध्यात्म में सकारात्मक तरीकों को ही कल्याणकारी माना गया है। इस नियम को कभी न भूलें।

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