New Hindi Status 2017

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रिश्ता वही कायम रहता है जो दिलसे शुरू हो,….ज़रूरत से नही..?~~

चाहत वो नहीं जो जान देती है, चाहत वो नहीं जो मुस्कान देती है, चाहत तो वो है, जो पानी में गिरा आंसू पहचान लेती हैं.

दर्द जब हद से ज्यादा बढ जाता है तो सारे अहसास खत्म हो जाते है और कुछ बचता है तो बस वो है अकेलापन

जो फ़ुर्सत मिले तो चाँद से मेरी कहानी पूछ लेना, एक वही तो था हमराज मेरा, तेरे सो जाने के बाद…”?

लोग बदलते नहीं है जनाब !!! ” बेनक़ाब ” होते हैं।

जब अपनों से धोखे मिलते हैं…तब तन्हाईयाँ ही अच्छी लगती है…!!

सभी अंदाज-ए-हुस्न प्यारे हैं…हम मगर सादगी के मारे हैं

उसने कहा हमसे की हम तुम्हें बर्बाद कर देंगे, हमने मुस्कुरा के पूछा की क्या तुम भी मोहब्बत करोगे अब हमसे !!

अपनी उदासीयां तू मुझे दे दे..!! तू मेरे हिस्से का मुस्कुरा लिया कर ” !

कोई बेसबब, कोई बेताब, कोई चुप, कोई हैरान है,ऐ जिंदगी, तेरी महफ़िल के तमाशे ख़त्म नहीं होते…

जिसके लिए तोड़ दी मैंने सारी सरहदें,आज उसी ने कह दिया कि जरा हद में रहा करो..!!

नज़र अंदाज़ करने की वज़ह क्या है बता भी दो, मैं वही हूँ, जिसे तुम दुनिया से अलग बताती थी..

जब आपको कोई अपना कहने वाला मिल जाता है,तब दुनिया और भी खुबसूरत हो जाती है !!

है कोई जो करेगा, रफूगरी मेरी……इश्क खा गया है, जगह जगह से मुझे….

Ek khubsurat DIL hazar khubsurat chehro se zyada behtar hota h..!!

Tum to dur Rahkar Satate ho magar, Tumhari yaadein Paas Aakar Rulaya karti hain.

बिन मेरे रह ही जाएगी कोई न कोई कमी, तुम ज़िंदगी को जितनी मर्जी सँवार लेना

जिसको जो कहना है कहने दो,,,अपना क्या जाता है,,,,?ये वक्त-वक्त कि बात है साहब, सबका वक्त आता है

गिन लेती है दिन बगैर मेरे गुजारें हैं कितने भला कैसे कह दूं कि माँ अनपढ़ है मेरी..!!

धोखा देती है अक्सर मासूम चेहरे की चमक।। क्योंकि हर पत्थर हीरा नहीं होता।।

लोग ढूँढेंगे हमें भी, हाँ मगर सदियों के बाद।

अजीब खेल है इस मोहब्बत का, किसी को हम न मिले और न कोई हमे मिला।

वो अपनी मर्जी से बात करते हैँ और हम कितने पागल हैँ जो उनकी मर्जी का इंतजार करते हैं..!!!

सुना है आज उनकी आँखों आँशु आ गए। वो बच्चों को लिखना सिखा रही थी.. कि मोहब्बत ऐसे लिखते है।

अजीब रंगो में गुजरी है मेरी जिंदगी। दिलों पर राज़ किया पर मोहब्बत को तरस गए।

~कभी-कभी हम जीतना सोच लेते हैं .., हम किसी के लिए उतना ज़रूरी भी नही होते..?

उन्होंने वक़्त समझकर गुज़ार दिया हमको.. और हम.. उनको ज़िन्दगी समझकर आज भी जी रहे हैं..!!

~कभी-कभी हम जीतना सोच लेते हैं .., हम किसी के लिए उतना ज़रूरी भी नही होते..

अच्छे लगते है मुझे ये दो काम,एक तुमसे बातें करना दूसरा तुम्हारी बातें करना…

छोड़ दिया Girlfriend ?? ने ये कह कर तुम तो General cast के हो पता नहि कल मेरे बच्चों को नोकरी मिलेगी की नहि ..?

काश कोई अपना हो.. तो आईने जैसा ! ?जो हँसे भी साथ और रोए भी साथ…

कभी टूटा नहीं दिल से तेरी याद का रिश्ता, गुफ्तगू हो न हो ख्याल तेरा ही रहता है..

बात इतनी सी थी, कि तुम अच्छे लगते थे. अब बात इतनी बढ़ गई,कि तुम बिन कुछ अच्छा नहीं लगता..

बख्त कुछ थमा थमा सा है शायद कोई तूफान आने को हे

तुम अच्छे हो तो बन के दिखाओ, हम बुरे है तो साबित करो.

हम नवाब इस लिए है क्यों की हम लोगो पे नहीं लोगो के दिलो पे राज करते है

भूख रिश्तों को भी लगती है.. प्यार परोस कर तो देखिये..!

चुपचाप चल रहे थे.. हम अपनी मंजिल की तरफ.. फिर रस्ते में एक ठेका पड़ा.. और हम गुमराह हो गए।

ऐ जीन्दगी जा ढुंड॒ कोई खो गया है मुझ से. अगर वो ना मिला तो सुन तेरी भी जरुरत नही मुझे.

कुछ दूर हमारे साथ चलो, हम दिल की कहानी कह देंगे, समझे ना जिसे तुम आखो से, वो बात जुबानी कह देंगे ।

कितनी ही खूबसूरत क्यों न हो तुम.. पर मैं जानता हूँ.. असली निखार मेरी तारीफ से ही आता है..

होने वाले ख़ुद ही अपने हो जाते हैं.. किसी को कहकर, अपना बनाया नही जाता..!!

नक़ाब क्या छुपाएगा शबाब-ए-हुस्न को, निगाह-ए-इश्क तो पत्थर भी चीर देती है..

ज़िन्दगी जोकर सी निकली … कोई अपना भी नहीं.. कोई पराया भी नहीं

मेरी आँखों में बहने वाला ये आवारा सा आसूँ पूछ रहा है.. पलकों से तेरी बेवफाई की वजह..

दम तोड़ जाती है हर शिकायत लबों पे आकर, जब मासूमियत से वो कहती है मैंने क्या किया है

अगर तुम्हें यकीं नहीं, तो कहने को कुछ नहीं मेरे पास, अगर तुम्हें यकीं है, तो मुझे कुछ कहने की जरूरत नही !

मेरी हर बात को उल्टा वो समझ लेते हैं, अब के पूछा तो कह दूंगा कि हाल अच्छा है..

खामोशियाँ में शोर को सुना है मैंने, ये ग़ज़ल गुंगुनायेगी रात के साये में ।

मिला क्या हमें सारी उम्र मोहब्बत करके, बस एक शायरी का हुनर, एक रातों का जागना..

ना पीछे मुड़ के देखो, ना आवाज़ दो मुझको, बड़ी मुश्किल से सीखा है मैंने अलविदा कहना..!

कभी टूटा नहीं मेरे दिल से तेरी यादों का रिश्ता.. गुफ़्तगू किसी से भी हो ख़याल तेरा ही रहता है..

ना छेड़ किस्सा वोह उल्फत का बड़ी लम्बी कहानी है मैं जिन्दगी से नहीं हारा किसी अपने की मेहरबानी है

हर किसी के हाथ मैं बिक जाने को हम तैयार नहीं.. यह मेरा दिल है तेरे शहर का अख़बार नहीं..

आज भी एक सवाल छिपा है.. दिल के किसी कोने मैं.. की क्या कमी रह गईथी तेरा होने में.

मेरी लिखी किताब, मेरे ही हाथो मे देकर वो कहने लगे इसे पढा करो, मोहब्बत करना सिख जाओगे..!!

इतनी चाहत तो लाखो रुपए पाने की भी नही होती.. जितनी बचपन की तस्वीर देख कर बचपन में जाने की होती हैं

दिल मेरा भी कम खूबसूरत तो न था.. मगर मरने वाले हर बार सूरत पे ही मरे..

मेरी आवाज़ ही परदा है मेरे चेहरे का, मैं हूँ ख़ामोश जहाँ मुझको वहाँ से सुनिए….!!!

उसने हर नशा सामने लाकर रख दिया और कहा.. सबसे बुरी लत कौनसी हैं, मैने कहा.. तेरे प्यार की.

क्या ऐसा नहीँ हो सकता की हम प्यार मांगे, और तुम गले लगा के कहो… और कुछ….??

वजह नफरतों कि तलाशी जाती है, मोहब्बत तो बेवजह ही हो जाती है..!!

फ्रेंड की प्रोफ़ाइल पिक्चर, लाइक करना आदत है हमारी. . . क्योंकी हर फ्रेंड के सूरत मे छिपी है खुशी हमारी.

आजकल देखभाल कर हौते हैं प्यार के सौदे… वो दौर और थे जब प्यार अन्धा होता था..!

छोङो ना यार , क्या रखा है सुनने और सुनाने मेँ किसी ने कसर नहीँ छोङी दिल दुखाने मेँ ..

यूँ ही जरा खामोश जो रहने लगे हैं हम। लोगों ने कैसे कैसे फसाने बना लिये।।

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