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तेरी आँखों के जादू से तू ख़ुद नहीं है वाकिफ़ ये उसे भी जीना सीखा देती है जिसे मरने का शौक़ हो!!

न जाने क्या मासूमियत है तेरे चेहरे पर..तेरे सामने आने से ज़्यादा.. तुझे छुपकर देखना अच्छा लगता है…!!!

तु बेशक अपनी महफ़िल में मुझे बदनाम करता है, लेकिन तुझे अंदाजा भी नहीं की वो लोग भी मेरे पैर छुते है, जिन्हें तु भरी महफ़िल में सलाम करता है.

हम तो बदनाम हुए कुछ इस कदर की पानी भी पियें तो लोग शराब कहते हैं.

जब भी अपनी शख्शियत पर अहंकार हो, एक फेरा शमशान का जरुर लगा लेना..

तेरे दीदार की आस में आते हैं तेरी गलियों में वरना सारा शहर पडा है आवारगी के लिए.

भगवान से वरदान माँगा कि दुश्मनों से पीछा छुड़वा दो अचानक दोस्त कम हो गए.

अपनी भूख का इल्ज़ाम न दे तू खुदा को.. वो माँ के पेट में भी बच्चों को पाल देता है !

इस शिद्दत से निभा अपना किरदार पर्दा गिर जाए पर तालियाँ बजती रहे.

मेरे हाल पर हसने वालो बस इतना याद रखना लोगो का तो वक्त आता हे पर मेरे पूरा दोर आएगा.

थक गया हूँ तेरी नौकरी से ऐ जिन्दगी मुनासिब होगा मेरा हिसाब कर दे.

तु बेशक अपनी महफ़िल में मुझे बदनाम करता है, लेकिन तुझे अंदाजा भी नहीं की वो लोग भी मेरे पैर छुते है, जिन्हें तु भरी महफ़िल में सलाम करता है.

माचिस की ज़रूरत यहाँ नहीं पड़ती यहाँ आदमी आदमी से जलता है.

सुना है इश्क़ से तेरी बहुत बनती है एक एहसान कर उस से क़ुसूर पुछ मेरा.

मेरे इरादे मेरी तक़दीर बदलने को काफी हैं मेरी किस्मत मेरी लकीरों की मोहताज़ नहीं.

मेरे लफ़्ज़ों की सही पहचान, अगर वो कर लेते उन्हें मुझसे ही नहीं खुद से भी मोहब्बत हो जाती.

आप दिल से यूँ पुकारा ना करो, हमको यूँ प्यार से इशारा ना करो, हम दूर हैं आपसे ये मजबूरी है हमारी, आप तन्हाइयों मे यूँ रुलाया ना करो..

अगर जींदगी मे कुछ पाना हो तो तरीके बदलो ईरादे नही.

अजीब दस्तूर है मोहब्बत का रूठ कोई जाता है, टूट कोई जाता है.

भरी जेब ने दुनिया की पहेचान करवाई और खाली जेब ने इन्सानो की.

एक सवेरा था जब हँस कर उठते थे हम और आज कई बार बिना मुस्कुराये ही शाम हो जाती है.

तेरे होठों से भी क्या खूब नशा मिला यूँ लगता है तेरे जूठे पानी से ही शराब बनती है|

ख़ुशी तकदीरो में होनी चाहिए तस्वीरो में तो हर कोई खुश नज़र आता है|

दुनिया के बड़े से बड़े साइंटिस्ट ये ढूँढ रहे है की मंगल ग्रह पर जीवन है या नहीं पर आदमी ये नहीं ढूँढ रहा कि जीवन में मंगल है या नही.

जब लगे पैसा कमाने, तो समझ आया शौक तो मां-बाप के पैसों से पुरे होते थे अपने पैसों से तो सिर्फ जरूरतें पुरी होती है.

मैंने अपनी मौत की अफवाह उड़ाई थी दुश्मन भी कह उठे आदमी अच्छा था.

कोई मिल जाए तुम जैसा ये ना-मुमकिन है पर तुम ढूँढ लो हम जैसा इतना आसान ये भी नही.

दम कपड़ों में नहीं, जिगर में रखो बात कपड़ों में होती तो सफेद कफन में लीपटा मुर्दा भी सुलतान मिर्ज़ा होता.

इस कदर हर तरफ तन्हाई है, उजालो मे अंधेरों की परछाई है, क्या हुआ जो गिर गये पलकों से आँसू, शायद याद उनकी चुपके से चली आई है.

चाहे दुश्मन मिले चार या चार हज़ार सब पर भारी पड़ेंगे मेरे जिगरी यार.

कितनी खुबसूरत सी हो जाती है ये दुनिया जब अपना कोई कहता है कि तुम याद आ रहे हो.

कहते हैं के कब्र में सुकून की नींद आती है अज़ीब बात है कि ये बात भी ज़िन्दा लोगों ने कही है.

नशा हम किया करते है इलज़ाम शराब को दिया करते है कसूर शराब का नहीं उनका है जिनका चहेरा हम जाम मै तलाश किया करते है.

कहां कोइ मिला जिस पर दिल लुटा देते हर एक ने धोखा दिया किस किस को भुला देते रखते हैं दिल में छुपा के अपना दर्द करते बयान तो महफिल को रुला दे.

वो बार बार मुझसे पूछती है आखिर क्या है मोहब्बत अब क्या बताऊं उसे की उसका पूछना और मेरा ना बताना यही मोहब्बत है.

तू मोहब्बत है मेरी इसीलिए दूर है मुझसे अगर जिद होती तो शाम तक बाहों में होती.

आपसे मुलाक़ात की अजब निशानी है, हँसते हँसते आंखे भर आती हें जिंदगी में हो चाहे कितनी परेशानी, आपके साये में हर मुश्किल आसा.

कुछ सही तो कुछ खराब कहते हैं लोग हमें बिगड़ा हुआ नवाब कहते हैं,

किसी की महोब्बत से हमने क्या पाया है रात की नींद और दिन का चैन गंवाया है क्या करें हम इस दिल का जिसे आज बरबाद हो कर भी होश नहीं आया है

बहुत तकलीफ देती है ना मेरी बातें तुम्हें देख लेना एक दिन मेरी खामोशी तुम्हें रुला देगी

नदी जब किनारा छोड़ देती है राह की चट्टान तक तोड़ देती है बात छोटी भी अगर चुभ जाती हैं दिल में, ज़िन्दगी के रास्तों को मोड़ देती है

शतरंज की चालों का खौफ़ उन्हें होता है जो सियासत करते हैं साहेब हम तो यारी करते हैं

भगवान अगर कुछ देना चाहें तो पहले दोनो हाथ खाली कर देता है… ताकि आपको कुछ बेहतर दे सकें !!

बिखर कर रह गया.. वजूद मेरा..! मै तो समझा था, इश्क संवार देगा मुझे..!!

मज़हब पता चला, जो मुसाफ़िर की लाश का!! चुपचाप आधी भीड़ घरों को चली गई!!

तू बदनाम ना हो इसलिये जी रही हूं मै, वरना तेरी चौखट पे मरने का इरादा रोज़ होता है..

मजा चख लेने दो उसे गेरो की मोहबत का भी, इतनी चाहत के बाद जो मेरा न हुआ वो ओरो का क्या होगा |

बन के तुम मेरे मुझको मुकम्मल कर दो….अधूरे-अधूरे अब हम ख़ुद को भी अच्छे नहीं लगते.

Hum Bhi Dariya Hain Humein Apna Hunar Maloom Hai Jis Taraf Bhi Chal Parainge Raasta khud hi bna lenge.

Kheench Leti Hai Unki Mohabbat Mujhe Har Baar !!!! Warna Bahut Baar Mile Thay Unse Aakhri Baar.

बेशक वो ख़ूबसूरत आज भी है, पर चेहरे पर वो मुस्कान नहीं, जो हम लाया करते थे..!!

अपनी हार पर कितना शकून था मुझे, जब उसने गले लगाया जीतने के बाद.

हर बार सम्हाल लूँगा गिरो तुम चाहो जितनी बार, बस इल्तजा एक ही है कि मेरी नज़रों से ना गिरना…!!

आज भी लोग हमारी इतनी इज्जत करते हैं, हमारे ‪‎status‬ वो सर झुकाकर पढ़ते हैं ..!!

तेरी मोहब्बत को कभी खेल नही समजा, वरना खेल तो इतने खेले है कि कभी हारे नही ।

हकीकत में ये खामोशी हमेशा चुप नही रहती, कभी तुम गौर से सुनना बहुत किस्से सुनाती है.

न ज़ख्म भरे, न शराब सहारा हुई, न वो वापस लौटीं, न मोहब्बत दोबारा हुई…

चलो अब जाने भी दो.. क्या करोगे दास्तां सुनकर, ख़ामोशी तुम समझोगे नहीं, और बयां हमसे होगा नही

खुद को बिखर्ने मत देना, कभी किसि हाल मेँ, लोग गिरे हुए माकान कि, ईटे तक लेजा ते है.

प्यार करना सीखा है, नफरतों का कोई ठौर नहीं….!! बस तू ही तू हैं दिल में, दूसरा कोई और नहीं….!!

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