बुधवार को जन्मे लोगो का स्वभाव और गुण !

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बहुमु‍खी प्रतिभा वाले होते हैं बुधवार को जन्‍में लोग

बुधवार को जन्मे व्यक्तियों का स्वभाव मिथुन राशि तथा बुध ग्रह के प्रभाव के अनुसार होता है। मिथुन राशि एक द्विस्वभाव राशि होती है। अतः बुधवार को जन्मे व्यक्तियों का दोहरा चरित्र होता है। प्रत्येक व्यक्ति इनकों समझ नहीं सकता है, क्योंकि आपका दिमाग बहुमुखी प्रतिभा को लिये होता है। आपकी बुद्धि बहुत ही तीक्ष्ण होती है।आप किसी की भी आलोचना करने में माहिर होते है तथा अपनी वाक्पटुता के द्वारा दूसरे व्यक्ति की बोलती बन्द कर देंगे। आप-अपने कार्य से सन्तुष्ट नहीं रहते है, इसलिए कभी- कभी आप स्वयं के द्वारा किये गये कार्यो की आलोचना करने लगते है। आप किसी भी क्षेत्र में प्रसिद्धि पा सकते है। परन्तु आप-अपने दोहरे चरित्र के कारण किसी भी क्षेत्र में बहुत दिनों तक टिक नहीं पाते है। आपको कोई भी परिस्थिति बहुत दिनों तक परेशान नहीं कर सकती है।

आप हर प्रकार के कार्य करना चाहते है, परन्तु किसी भी कार्य में दिल लगाकर काम नहीं करते है। यह आपका नकारात्मक पक्ष है, इसे सुधारने का प्रयास करें। आप-अपने मित्रों को बहुत प्रेम तथा आदर करेंगे तथा अपनी क्षमता से ज्यादा उनकी मदद करने का प्रयास करेंगे। कभी-कभी आप बगैर सोंचे-समझे किसी कार्य को आरम्भ कर देते है जिसका परिणाम आपको बेहतर नहीं मिलेगा।

आपकी धन कमाने की बहुत तेज इच्छा होगी व आप धन अर्जित करते समय उचित या अनुचित के विचार भी छोड़ सकते है। आप शेयर मार्केट या अन्य कोई तरीका जिससे अचानक धन प्राप्त हो जाये, ऐसा कार्य करने में ज्यादा विश्वास करेंगे। आपका भाग्य पक्ष मजबूत होने के कारण, आप सब प्रकार की विपत्तियों से जल्दी निकल आते है। आपका सम्पर्क उंचे तबके के लोगों से रहेगा जिसके कारण आप अच्छा धन कमाने में कामयाब होंगे। आपके जीवन में 15 वें, 24 वें, 33वें वर्ष विशेष परिवर्तनकारी हो सकते है।

स्त्रियों का स्वभाव- बुधवार को जन्मी स्त्रियां, सुन्दर, गुणवती, तेजतर्रार व तीखे नैन-नक्स वाली होती है। कद छोटा व बुद्धि तीक्ष्ण होगी। आप कोई भी कार्य जल्दी ही सीख लिया करती है। इन्हे पति शालीन व समझदार मिलता है, इनका वैवाहिक जीवन सुखमय कहा जा सकता है। सन्तान की ओर से इनका मन प्रसन्न रहेगा। जिन स्त्रियों का जन्म दोपहर 12 बजे से 3 बजे के मध्य होता है। उनके गाल, पैर व पेट पर काले तिल होने की सम्भावना है।

स्वास्थ्य- आपको ये रोग हो सकते है। जैसे- त्वचा सम्बन्धी रोग, आॅख के रोग, हाथों में पक्षाघात तथा स्नायु सम्बन्धी रोग, बोलने में दोष, नींद में कमी, जुकाम आदि।

शुभ दिन- रविवार, बुधवार व सोमवार का दिन आपके लिये बेहद अच्छा रहेगा।

शुभ महीना-
जनवरी, मार्च, जुलाई, अगस्त और 21 मई से 27 जून तक समय आपके लिये बेहद अनुकूल रहेगा।

अशुभ महीना- सितम्बर, दिसम्बर और 1 मई से 20 मई तक का समय आपके लिये अनुकूल नहीं है।

शुभ रत्न- आपके लिये पन्ना या चाइनीज मरगज, सुलेमानी रत्न चांदी या सोनें की अंगूठी में कनिष्ठका अंगुली में बुधवार के दिन शुद्ध करके धारण करें।

व्रत और मन्त्र- आपकी प्रधान देवी लक्ष्मी जी है। अतः आप उनकी आराधना करें। बुधवार का उपवास आपके लिये उचित रहेगा। आप निम्न मन्त्र- ऊँ श्रीं श्रीं कमले कमलाये प्रसीद-प्रसीद श्री ऊँ महालक्ष्मै नमः का प्रतिदिन एक माला जाप करें।

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