sad status hindi whatsapp 2 lines short

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मैंने समुन्दर से सीखा है जीने का सलीका, चुपचाप से बहना और अपनी मौज में रहना..!

नमक की तरह हो गयी है जिंदगी, लोग स्वादानुसार इस्तेमाल कर लेते हैं

कुछ लोग खुदको शेर समजते हैं…। मगर हम वो इन्सान है…। जो शेरो को भी कुत्ते जैसे घुमाते है..

बदल गया है जमाना पहले माँ का पेर छू कर निकलते थे, अब मोबाइल की बेटरी फुल करके निकलते है.

उनसे कहना की किस्मत पे इतना नाज़ ना करो.! हमने बारीश में भी,जलते हुए मकान देखे हैं.!

इसी बात से लगा लेना मेरी शोहरत का अन्दाजा.. वो मुझे सलाम करते है, जिन्हे तु सलाम करता हैं !

हम मशहुर होने का दावा तो नही करते… मगर..जिसे भी आखँ भर कर देख लेते है उसे उलझन मे जरुर डाल देते है

जिंदगीमें बडी शिद्दत से निभाओ अपना किरदार, कि परदा गिरने के बाद भी तालीयाँ बजती रहे…।

ज़हासे तेरी बादशाही खत्म होंती हे, वहासे मेरी नवाबी सुरु होती हे

नफरतों को जलाओ… मुहब्बत की रौशनी होगी… इंसान तो जब भी जले… राख ही हुऐ ।।

आपकी घड़ी कितनी भी कीमती हो, वक़्त तो ऊपर वाले के हिसाब से चलता है.

खुद ह दे जाओगे तो बेहतर है..! वरना हम दिल चुरा भी लेते हैं..!

मेरे बारे में इतना मत सोचना, दिल में आता हूँ , समज में नही ।

तुम जिन्दगी में आ तो गये हो मगर ख्याल रखना, हम जान दे देते हैं मगर जाने नहीं देते !!

वो खुद पर गरूर करते है, तो इसमें हैरत की कोई बात नहीं, जिन्हें हम चाहते है, वो आम हो ही नहीं सकते !!

तुम खुश-किश्मत हो जो हम तुमको चाहते है वरना, हम तो वो है जिनके ख्वाबों मे भी लोग इजाजत लेकर आते है..!!

सोने के जेवर ओर हमारे तेवर…लोगो को अक्सर बहोत मेंहगे पडते हे.

इतना भी गुमान न कर आपनी जीत पर ऐ बेखबर, शहर में तेरे जीत से ज्यादा चर्चे तो मेरी हार के हैं..!!

मुझे मालूम था के लौट के अकेले ही आना है , फिर भी तेरे साथ चार कदम चलना अच्छा लगा.

जाने कितनी रातो की नींदे ले गया वो.. जो पल भर मोहब्बत जताने आया था..

काश मैं लौट जाऊँ बचपन की उन गलियों में… जहां ना कोई ज़रूरत थी, ना कोई ज़रूरी था.

दो चीजो के बिना मैं रह नहीं सकता एक तेरा एहसास दूसरा तेरा मुझपे विश्वास

बहोत अंदर तक जला देती हैं, वो शिकायतें… जो कभी बयाँ नहीं होती…!! ‪

सुकून उतना ही देना प्रभू, जितने से जिंदगी चल जाये। औकात बस इतनी देना, कि औरों का भला हो जाये।

ये जो हमदर्दॅ होते है….. यकी मानो दोस्त ..दर्द उन्ही से मिलते है..!!

कौन कहेता है की तेरी ‪खुबसुरती‬ मै दम है? अरे ‪‎पगली‬ तुजे तो लोग इस लिए देखते है कि तेरे ‪‎आशिक़ हम है.

किताबों की तरह बहुत से अल्फाज़ है मुझमें , और किताबों की तरह ही खामोश रहता हूँ मैं !!

तबदीली जब भी आती है, मौसम की अदाओं मे, किसी का यूं बदल जाना, बहुत याद आता है…!!!

मुझे किसी के बदल जाने का गम नही है, बस कोई था जिससे ये उम्मीद नही थी..!!

इंसान को इंसान धोखा नहीं देता है बल्कि… वो उम्मीदें धोखा दे जाती हैं जो वो दूसरों से रखता है।।

मोहब्बत है गज़ब उसकी शरारत भी निराली है, बड़ी शिद्दत से वो सब कुछ निभाती है अकेले में…!!

देख लो उनके नफरतो के सितम …… तेल ना बाती, फिर भी जल रहे है .

मत पूछ मेरा कारोबार क्या है । दिलो का सौदा करता हु। वो भी नफरतो के बाजार में ।

पैसों से तो ‪किताबें खरीदी‬ जाती हैं….. ज्ञान देने के लिए तो हमारे ‪‎Status‬ ही काफी हैं !!

मेरा कुछ ना ऊखाड सकोगे तुम मुझसे दुश्मनी करके… मुझे बर्बाद करना चाहते हो तो,मुझसे मोहब्बत कर लो.

लाख समझाया उसको की दुनिया शक करती है…. मगरउसकी आदत नहीं गयी मुस्कुरा कर गुजरने की.

सुना है आज उस की आँखों मे आसु आ गये, वो बच्चो को सिखा रही थी की, मोहब्बत ऐसे लिखते है..

दील चुराना शौख नही… पेशा है मेरा…. क्या करें ‘Status’ ही कुछ एसा है मेरा ||‪

रोज ‪ Status‬ बदलने से जिंदगी नहीँ बदलती . जिंदगी को बदलने के लिए अपना भी एक Status होना जरुरी हे.

एक आप ही हो जो मुझे समझ नहीं पाते… वरना.. लोग तो आज भी मेरे ‪#‎status‬ के दीवाने है!

एकअजीब सी जंग छिडी हे तेरी यादो को लेकर, आँखे कहती है सोने दे, दिल कहता है रोने दे!!!!

हम भी दरिया है, हमे अपना हुनर मालूम हे। जिस तरफ भी चल पडेंगे, रास्ता हो जायेगा।

समझदारी आने तक यौवन चला जाता है जब तक माला गुंथी जाती है फूल मुरझा जाते हैं।

तुम कहो या ना कहो… तकाज़े सब बयां कर देते हैं…. फिर चाहें बेरुखी हो या मोहब्बत.

गुलाब से पूछो कि दर्द क्या होता है, देता है पैगाम मोहब्बत का और खुद कांटो में रहता है.

हमसे मोहब्बत का दिखावा न किया कर, हमे मालुम है तेरे वफा की डिगरी फर्जी है ..!!

बस ऐक चहेरे ने तन्हा कर दिया हमे, वरना हम खुद ऐक महेफिल हुआ करते थे…!!!

पढ़ रहा हुं मैं इश्क की किताब अगर बन गया वकील तो , बेवफओं की खैर नही..।

दुश्मन के सितम का खौफ नहीं हमको, हम तो दोस्तों के रूठ जाने से डरते हैं.!!

सिर्फ तूने ही कभी मुझको अपना न समझा, जमाना तो आज भी मुझे तेरा दीवाना कहता है

फ़रिश्ते ही होंगे जिनका इश्क मुकम्मल होता है , हमने तो यहाँ इंसानों को बस बर्बाद होते देखा है

मौत और मोहोब्बत तो बस नाम से बदनाम है ! असली दर्द तो Slow Internet देता है !!

कुछ लोग आंसुओं की तरह होते हैं पता ही नहीं चलता साथ दे रहे हैं या साथ छोड़ रहे हैं….!!

खूश्बु कैसे ना आये मेरी बातों से यारों, मैंने बरसों से एक ही फूल से जो मोहब्बत की है ।

उसके दिलमें नही तो क्या हुआ.. उसकी ब्लॉकलिस्ट में तो है हम.

क्यूँ घबराता है ऐ इंसान तू कुछ खोने से, जीवन तो शुरू ही होता है रोने से.

खुद की “Selfy” निकालना सेक़ेन्डों का काम है, लेक़िन खुद की “Image” बनानें में जिन्दगी गुजर जाती है !!

मिट्टी का तन, मस्ती का मन, छण भर जीवन, मेरा परिचय

और भी बनती लकीरें दर्द की शुकर है खुदा तेरा जो हाथ छोटे दिए।

सीढिया उन्हे मुबारक हो… जिन्हे छत तक जाना है… मेरी मन्जिल तो आसमान है.. रास्ता मुझे खुद बनाना है..।

सारी दुनिया रूठ जाने से मुझे मुझे गरज नहीं,बस एक तेरा रूठ जाना मुझे तकलीफ देता है..

मैंने भी बदल दिये हैं जिन्दगी के उसूल । अब जो याद करेगा सिर्फ वही याद रहेगा ।

रूह तक नीलाम हो जाती है इश्क के बाज़ार में, इतना आसान नहीं होता किसी को अपना बना लेना

भरी जेब ने दुनिया की पहेचान करवाई और खाली जेब ने इन्सानो की.

एक सवेरा था जब हँस कर उठते थे हम और आज कई बार बिना मुस्कुराये ही शाम हो जाती है.

तेरे होठों से भी क्या खूब नशा मिला यूँ लगता है तेरे जूठे पानी से ही शराब बनती है|

ख़ुशी तकदीरो में होनी चाहिए तस्वीरो में तो हर कोई खुश नज़र आता है|

दुनिया के बड़े से बड़े साइंटिस्ट ये ढूँढ रहे है की मंगल ग्रह पर जीवन है या नहीं पर आदमी ये नहीं ढूँढ रहा कि जीवन में मंगल है या नही.

जब लगे पैसा कमाने, तो समझ आया शौक तो मां-बाप के पैसों से पुरे होते थे अपने पैसों से तो सिर्फ जरूरतें पुरी होती है.

मैंने अपनी मौत की अफवाह उड़ाई थी दुश्मन भी कह उठे आदमी अच्छा था.

कोई मिल जाए तुम जैसा ये ना-मुमकिन है पर तुम ढूँढ लो हम जैसा इतना आसान ये भी नही.

दम कपड़ों में नहीं, जिगर में रखो बात कपड़ों में होती तो सफेद कफन में लीपटा मुर्दा भी सुलतान मिर्ज़ा होता.

इस कदर हर तरफ तन्हाई है, उजालो मे अंधेरों की परछाई है, क्या हुआ जो गिर गये पलकों से आँसू, शायद याद उनकी चुपके से चली आई है.

चाहे दुश्मन मिले चार या चार हज़ार सब पर भारी पड़ेंगे मेरे जिगरी यार.

कितनी खुबसूरत सी हो जाती है ये दुनिया जब अपना कोई कहता है कि तुम याद आ रहे हो.

कहते हैं के कब्र में सुकून की नींद आती है अज़ीब बात है कि ये बात भी ज़िन्दा लोगों ने कही है.

नशा हम किया करते है इलज़ाम शराब को दिया करते है कसूर शराब का नहीं उनका है जिनका चहेरा हम जाम मै तलाश किया करते है.

कहां कोइ मिला जिस पर दिल लुटा देते हर एक ने धोखा दिया किस किस को भुला देते रखते हैं दिल में छुपा के अपना दर्द करते बयान तो महफिल को रुला दे.

वो बार बार मुझसे पूछती है आखिर क्या है मोहब्बत अब क्या बताऊं उसे की उसका पूछना और मेरा ना बताना यही मोहब्बत है.

जिस शहर में तुम्हे मकान कम और शमशान ज्यादा मिले… समझ लेना वहा किसी ने हम से आँख मिलाने की गलती की थी….!!

आज फिर तन्हा रात में इंतज़ार है उस शख्स का, जो कहा करता था तुमसे बात न करूँ तो नींद नहीं आती

हजारो दुआओ में मांग कर भी वो मेरी न हो सकी, एक खुशनसीब ने बिना मांगे उसे अपना बना लिया ।।

मैं इस काबिल तो नही कि कोई अपना समझे…. पर इतना यकीन है… कोई अफसोस जरूर करेगा मुझे खो देने के बाद.!!

मैंने पूछा एक पल में जान कैसे निकलती है, उसने चलते चलते मेरा हाथ छोड़ दिया…

मुजे उस बात की फिक्र नहीं, जीस में मेरा जीक्र नहीं!

मेरी फितरत में नहीं है किसी से नाराज होना.. नाराज वो होते हैं जिन को अपने आप पे गुरूर होता है…..!!

मुझे आदत नहीं कहीं बहुत देर तक ठहरने की.. लेकिन जब से तुम मिले हो ये दिल कही और ठहरता नही…

उसने सिर्फ एक बार मुझसे कहा था… तुम प्यार सिर्फ मुझी से करना …. उसके बाद… मैने प्यार की नज़र से खुद को भी नहीं देखा..

मौत एक सच्चाई है उसमे कोई ऐब नहीं क्या लेके जाओगे यारों कफ़न में कोई जेब नही

हर एक शख्स ने अपने अपने तरीके से इस्तेमाल किया हमें.. और हम समझते रहे लोग हमें पसंद करते हैं !!

क्या हसीन इत्तेफाक़ था, तेरी गली में आने का… किसी काम से आये थे, किसी काम के ना रहे….!!

लौट आती है हर बार इबादत मेरी खाली, न जाने किस ऊँचाई पे मेरा ‘खुदा’ रहता है…!

मोत से तो दुनिया मरती हैं आशीक तो बस प्यार से ही मर जाता हैं

ज़िन्दगी जोकर सी निकली … कोई अपना भी नहीं.. कोई पराया भी नहीं

मेरी आँखों में बहने वाला ये आवारा सा आसूँ पूछ रहा है.. पलकों से तेरी बेवफाई की वजह..

दम तोड़ जाती है हर शिकायत लबों पे आकर, जब मासूमियत से वो कहती है मैंने क्या किया है

अगर तुम्हें यकीं नहीं, तो कहने को कुछ नहीं मेरे पास, अगर तुम्हें यकीं है, तो मुझे कुछ कहने की जरूरत नही !

मेरी हर बात को उल्टा वो समझ लेते हैं, अब के पूछा तो कह दूंगा कि हाल अच्छा है..

खामोशियाँ में शोर को सुना है मैंने, ये ग़ज़ल गुंगुनायेगी रात के साये में ।

मिला क्या हमें सारी उम्र मोहब्बत करके, बस एक शायरी का हुनर, एक रातों का जागना..

ना पीछे मुड़ के देखो, ना आवाज़ दो मुझको, बड़ी मुश्किल से सीखा है मैंने अलविदा कहना..!

कभी टूटा नहीं मेरे दिल से तेरी यादों का रिश्ता.. गुफ़्तगू किसी से भी हो ख़याल तेरा ही रहता है..

ना छेड़ किस्सा वोह उल्फत का बड़ी लम्बी कहानी है मैं जिन्दगी से नहीं हारा किसी अपने की मेहरबानी है

हर किसी के हाथ मैं बिक जाने को हम तैयार नहीं.. यह मेरा दिल है तेरे शहर का अख़बार नहीं..

आज भी एक सवाल छिपा है.. दिल के किसी कोने मैं.. की क्या कमी रह गईथी तेरा होने में.

मेरी लिखी किताब, मेरे ही हाथो मे देकर वो कहने लगे इसे पढा करो, मोहब्बत करना सिख जाओगे..!!

इतनी चाहत तो लाखो रुपए पाने की भी नही होती.. जितनी बचपन की तस्वीर देख कर बचपन में जाने की होती हैं

साला किस्मत भी ऐसी है, की जिस दिन मेरा सिक्का चलेगा न, ठीक उसी दिन सरकार सिक्कों पे रोक लगा देगी..!

दिल मेरा भी कम खूबसूरत तो न था.. मगर मरने वाले हर बार सूरत पे ही मरे..

मेरी आवाज़ ही परदा है मेरे चेहरे का, मैं हूँ ख़ामोश जहाँ मुझको वहाँ से सुनिए….!!!

उसने हर नशा सामने लाकर रख दिया और कहा.. सबसे बुरी लत कौनसी हैं, मैने कहा.. तेरे प्यार की.

क्या ऐसा नहीँ हो सकता की हम प्यार मांगे, और तुम गले लगा के कहो… और कुछ….??

वजह नफरतों कि तलाशी जाती है, मोहब्बत तो बेवजह ही हो जाती है..!!

आजकल देखभाल कर हौते हैं प्यार के सौदे… वो दौर और थे जब प्यार अन्धा होता था..!

छोङो ना यार , क्या रखा है सुनने और सुनाने मेँ किसी ने कसर नहीँ छोङी दिल दुखाने मेँ ..

यूँ ही जरा खामोश जो रहने लगे हैं हम। लोगों ने कैसे कैसे फसाने बना लिये।।

ज़िंदगी की दौड़ मे कच्चा रह गया… नही सीखा फ़रेब बच्चा रह गया…

खुदा सवाल करेगा अगर क़यामत में, तो हम भी कह देंगे लुट गए हम शराफत में…

बस ख़ामोशी जला देती है इस दिल को.. बाकि तो सब बाते अच्छी है तेरी तस्वीर में…

ज़रूरी तो नहीं के शायरी वो ही करे जो इश्क में हो, ज़िन्दगी भी कुछ ज़ख्म बेमिसाल दिया करती है…

कुछ अलग सा है अपनी मौहबत का हाल… तेरी चुपी और मेरा सवाल ….!!!!

सब को मुहब्बत के ग़म नहीं मिलते टूटने वाले दिल होते हैं ख़ास.

ज़मीं पर रह कर आसमां को छूने की फितरत है मेरी, पर गिरा कर किसी को, ऊपर उठने का शौक़ नहीं मुझे

कैसे चलूँ तेरे_एहसास के बिना दो_कदम भी मैं, लड़खड़ाती जिदंगी की आखरी_बैसाखी हो तुम..

मेरी कोशीश हमेशा ही नाकाम रही पहले तूझे पाने की और अब तुझे भुलाने की

मुजे कोइ ऐसी जगह ले चलो जहा रहु सिर्फ मे और मेरी तन्हाई

मोहब्बत ख़ूबसूरत होगी किसी और दुनियाँ में इधर तो हम पर जो गुज़री है हम ही जानते हैं

साथी तो मुझे अपने सुख के लिए चाहिए दुखों के लिए तो मैं अकेला काफी हूँ…..

इतने कहाँ मशरूफ हो गए हो तुम, आजकल दिल दुखाने भी नहीं आते…!

यू पलटा मेरी किस्मत का सितारा मेरे दोस्तो उसने भी छोड़ दिया और अपनों ने भी

वाकिफ़ है वो मेरी कमज़ोरी से…! वो रो देती है, और मैं हार जाता हूँ…

मैने सिखी नही कोई शायरी महफिलों मे जाकर ! हालात अक्सर दर्द सहना सिखा देते है

मुश्किल होता है जवाब देना. जब कोई खामोश रह करभी सवाल कर लेता है!

दुआ कभी खाली नही जाती, बस लोग इंतजार नही करते..

जिसे आज मुजमे हजार एब नजर आते हे, कभी वही लोग हमारी गलती पे भी ताली बजाते थे !!

दिन ऐसे गुजारो की रात को चैन से सो सको.. और रात ऐसी गुजारो की सुबह खुद से नजरे मिला सको.

देखना.. एक दिन बदल जाऊगा पूरी तरह मैं तुम्हारे लिए न सही.. लेकिन… तुम्हारी वजह से ही सही..!!

देखकर तुमको अकसर हमें एहसास होता है कभी कभी ग़म देने वाला भी कितना ख़ास होता है.

दुनिया को इतना सीरियस लेने की जरुरत नहीं, यहाँ से कोई जिन्दा बच के नहीं जाएगा..!!!

दुआ कभी खाली नही जाती, बस लोग इंतजार नही करते.

नाम और बदनाम में क्या फर्क है ? नाम खुद कमाना पड़ता है,और बदनामी लोग आपको कमा के देते हैं!

सोने के जेवर ओर हमारे तेवर लोगो को अक्सर बहोत मेंहगे पडते हे.

ढूंढ़ रहा हु लेकिन नाकाम हु अभी तक, वो लम्हा जिस में तुम याद ना आये,

तरक्की की फसल, हम भी ‘काट’ लेते… थोड़े से तलवे, अगर ‘हम’ भी चाट लेते.

तेरी मोहब्बत पर मेरा हक़ तो नही मगर.. जी चाहता है क़ि आखिरी सांस तक तेरा इन्तजार करू..!!

तेरे ही नाम से ज़ाना जाता हूं मैं, ना जाने ये शोहरत है या बदनामी.

तुम वादा करो आखरी दीदार करने आओगे, हम मौत को भी इंतजार करवाएँगे तेरी ख़ातिर,

बात इतनी सी थी कि तुम अच्छे लगते थे, अब बात इतनी बढ़ गई है कि तुम बिन कुछ अच्छा नहीं लगता!!!

बेमतलब की जिंदगी का सिलसिला ख़त्म..!अब जिसतरह की दुनियां, उस तरह के हम…!!

दिल टूटने पर भी जो शख्स आपसे शिकायत तक न कर सके… उस शख्स से ज्यादा मोहब्बत आपको कोई और नही कर सकता

बिक रहे हैं ताज महल सड़क-चौराहों पर आज भी.. मोहब्बत साबित करने के लिए बादशाह होना जरुरी नहीं..!!

डूबे हुओं को हमने बिठाया था अपनी कश्ती में यारो, और फिर कश्ती का बोझ कहकर, हमें ही उतारा गया।

गिन लेती है दिन बगैर मेरे गुजारें हैं कितने भला कैसे कह दूं कि माँ अनपढ़ है मेरी..!!

धोखा देती है अक्सर मासूम चेहरे की चमक।। क्योंकि हर पत्थर हीरा नहीं होता।।

लोग ढूँढेंगे हमें भी, हाँ मगर सदियों के बाद।

अजीब खेल है इस मोहब्बत का, किसी को हम न मिले और न कोई हमे मिला।

वो अपनी मर्जी से बात करते हैँ और हम कितने पागल हैँ जो उनकी मर्जी का इंतजार करते हैं..!!!

सुना है आज उनकी आँखों आँशु आ गए। वो बच्चों को लिखना सिखा रही थी.. कि मोहब्बत ऐसे लिखते है।

अजीब रंगो में गुजरी है मेरी जिंदगी। दिलों पर राज़ किया पर मोहब्बत को तरस गए।

उन्होंने वक़्त समझकर गुज़ार दिया हमको.. और हम.. उनको ज़िन्दगी समझकर आज भी जी रहे हैं..!!

कभी टूटा नहीं दिल से तेरी याद का रिश्ता, गुफ्तगू हो न हो ख्याल तेरा ही रहता है..

बात इतनी सी थी, कि तुम अच्छे लगते थे. अब बात इतनी बढ़ गई,कि तुम बिन कुछ अच्छा नहीं लगता..

बख्त कुछ थमा थमा सा है शायद कोई तूफान आने को हे

तुम अच्छे हो तो बन के दिखाओ, हम बुरे है तो साबित करो.

काश !! OLX पे उदासी और अकेलापन भी बेचा जा सकता.

हम नवाब इस लिए है क्यों की हम लोगो पे नहीं लोगो के दिलो पे राज करते है

भूख रिश्तों को भी लगती है.. प्यार परोस कर तो देखिये..!

चुपचाप चल रहे थे.. हम अपनी मंजिल की तरफ.. फिर रस्ते में एक ठेका पड़ा.. और हम गुमराह हो गए।

ऐ जीन्दगी जा ढुंड॒ कोई खो गया है मुझ से. अगर वो ना मिला तो सुन तेरी भी जरुरत नही मुझे.

कुछ दूर हमारे साथ चलो, हम दिल की कहानी कह देंगे, समझे ना जिसे तुम आखो से, वो बात जुबानी कह देंगे ।

कितनी ही खूबसूरत क्यों न हो तुम.. पर मैं जानता हूँ.. असली निखार मेरी तारीफ से ही आता है..

होने वाले ख़ुद ही अपने हो जाते हैं.. किसी को कहकर, अपना बनाया नही जाता..!!

 

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