भारत के टॉप 10 किले जो अपने में भारत का इतिहास समेटे हुए हैं

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जब हम कला की बात करते हैं तो हमारे मन में कई तस्वीरें आती हैं. इस दुनिया में कला के अनगिनत रूप हैं. हांथों से बनाये गये चित्र, कैमरे से खींची गयी तस्वीरें और मिट्टी से बनाई गयी मूर्तियां सब कला के अलग-अलग नमूने हैं. सिर्फ़ ये ही नहीं पुराने ज़माने के राजा-महाराजा और मुग़लिया शासकों के द्वारा बनवाये गये किले भी कला की नायाब निशानियों में आते हैं.

किलों की दीवारों पर बने अलग-अलग तरह के डिज़ाइन बेहद खूबसूरत हैं और अपनी कलात्मकता का बखान करते हैं. यह किले अपने समय में घटी रोमांस, शौर्य, वीरता, अपरिहार्य छल और राजनीतिक षड्यंत्रों की गाथा सुनाते हैं. इनमें आप उस समय के होनहार कलाकारों द्वारा बनाई गयी कलाकृतियों को देख सकते हैं. ये किले इंसान द्वारा बनाई गयी वास्तुकला का शानदार नमूना हैं.

1. लाल किला

बलुआ पत्थर से बनी लाल किले की संरचना दुनिया के सामने भारत को प्रस्तुत करती है. दिल्ली में स्थित लाल किले को भारत का गौरव भी कहा जाता है. इस किले को मुग़लई बादशाह शाहजहां ने 17वीं शताब्दी में बनवाया था. UNESCO द्वारा एक विश्व विरासत स्थल के रूप में अंकित ये लाल ईमारत अपने पूर्व गौरव की गाथा सुनाती है. लाल किले का असली नाम किला-ए-मुबारक था और इसे बनाने में लगभग 10 साल लगे थे. किले के अंदर सार्वजनिक और निजी हॉल, मस्जिदें और बाग हैं.

2. अमेर का किला

अमेर का किला अरावली पहाड़ी की एक शांत पृष्ठभूमि में स्थित है. हिंदू, राजपूत और मुग़ल स्थापत्य शैली के मिश्रण से बना ये किला अपनी भव्यता के लिए मशहूर है. राजा मानसिंह प्रथम द्वारा निर्मित इस खूबसूरत किले में संगमरमर, कांच, धातु और लकड़ी की नक्काशी देखी जा सकती है.

3. आगरा किला

वैसे तो आगरा अपने प्रतिष्ठित ताजमहल के लिए प्रसिद्ध है. लेकिन यहां कई अन्य वास्तुकला के चमत्कार भी मौजूद हैं, जो आगरा को भारत की सांस्कृतिक यात्रा के लिए सबसे अच्छे गंतव्य स्थानों में से एक बनाते हैं. आगरा के किले की ये बड़ी-सी लाल इमारत भारत में मुग़ल वंश के उत्थान और पतन की कहानी बयां करती है. शाहजहां ने अपनी ज़िंदगी के अंतिम साल इसी किले के एक ऊंचे महल में गुज़ारे थे, जहां से ताजमहल दिखाई देता था.

4. जैसलमेर किला

राजस्थान के हर शहर का हर कोना शाही लोगों के रहन-सहन की कहानी बयां करता है और जैसलमेर भी इन बातों में पीछे नहीं है. Arabian Night की दंतकथाओं जैसे दिखने वाले राजस्थान के इस शहर में जैसलमेर किला ऊंची चट्टान पर स्थित है. पीले बलुआ पत्थर से बना ये किला सूरज की किरणें पड़ने पर किसी स्वर्ण मुकुट की तरह चमकता हैं. इस किले की सादगी इसकी वास्तुकला और सजावट में देखी जा सकती है. यह दुनिया के सबसे बड़े किले के रूप में भी जाना जाता है.

5. दौलताबाद किला

दौलताबाद का किला अपने शहर के इतिहास के रूप में सबसे अच्छा दस्तावेज़ है. इस किले से आप इसके चारों तरफ फैली हरियाली को देख सकते हैं. यह जगह निश्चित रूप से फोटोग्राफर्स के लिए स्वर्ग है. अपने Vintage Look की वजह से ये किला पर्यटकों को कभी निराश नहीं करता. इस किले पर कई राजवंशों ने राज किया है और आज भी उनके अवशेष औरंगाबाद के इस किले में पाए जा सकते हैं.

6. गोलकोंडा किला

गोलकोंडा किला हैदराबाद से सिर्फ़ 11 किलोमीटर दूर स्थित है. यह किला दिल्ली या आगरा के किले जितना प्रसिद्ध तो नहीं है लेकिन भारत के Cultural Tour पर जाने के लिए ये किला सबसे बेहतर है. इसे असल में काकतीय राजवंश ने बनाया था, जिस पर बाद में इब्राहिम कुली कुतुब शाह वली ने राज किया. कुतुब शाह के राज में इस किले का कई बार पुनर्निर्माण कराया गया था. शहर की भाग-दौड़ से दूर ये किला एक शांत चट्टान पर खड़ा अपने शाही समय की गाथा गा रहा है.

7. जूनागढ़ किला

ये किला राजस्थान के बीकानेर के केंद्र में स्थित है. कला दीर्घाओं, गलियारों के एक बेड़े के साथ यह एक बहुत ही विशालकाय संरचना है. यह भारत के अच्छी तरह से संरक्षित किलों में से एक है. इसकी आंतरिक और बाह्य दीवारों और खम्भों पर रंग-बिरंगी कलाकृतियां बनी हुई हैं. यह किला इतना विशाल और आकर्षक है कि भारतीय डाक सेवा ने इस किले की तस्वीर वाला डाक टिकट भी जारी किया है.

8. ग्वालियर का किला

एक बार मुग़ल बादशाह बाबर ने ग्वालियर के किले को “हिन्द के किलों के हार में मोती की तरह” कहकर वर्णित किया था. इस किले से आप ग्वालियर के मनोरम दृश्यों को देख सकते हैं. ग्वालियर के किले को पहली बार शून्य (Zero) का इस्तेमाल करने की वजह से मानव सभ्यता में एक अनोखा स्थान प्राप्त है. आप इस किले के कमरों और हॉल में रंगों को ख़ूबसूरती से बिखरा हुआ देख सकते हैं. 1589 में बने इस किले पर बीकानेर के लगभग 20 शासकों ने 1920 तक राज किया था.

9. झांसी किला

1613 में, ओरछा (Orcha) के राजा द्वारा निर्मित ये किला झांसी में बंगरा (Bangra) नामक पहाड़ी पर स्थित है. इस किले में 10 दरवाज़े हैं – खान्देरो दरवाज़ा, दतिया दरवाज़ा, उन्नाव दरवाज़ा, झरना दरवाज़ा, लक्ष्मी दरवाज़ा, सागर दरवाज़ा, ओरछा दरवाज़ा, सीनयर दरवाज़ा और चांद दरवाज़ा. ये किला आज भी झांसी की बहादुर रानी, रानी लक्ष्मी बाई के जीवन की कहानी बयां करता है.

10. चित्तौड़गढ़ किला

अगर चित्तौड़गढ़ राजस्थान की शान है, तो चित्तोड़गढ़ का किला ज़रूर उसका आइकॉन है. यह किला उस समय का साक्षी है, जब शाही लोग दुश्मन के सामने झुकने के बजाय मर जाना पसंद करते थे. आज भी आप इस किले में जा कर रानी पद्मिनी की वीरता के बारे में लोक गीत सुन सकते हैं. इस किले के अंदर कई महल, मंदिर, निजी और सार्वजानिक हॉल हैं, जो हर साल लाखों यात्रियों को अपनी ओर आकर्षित करते हैं.

अगर आपने ये किले नहीं देखें हैं, तो जनाब ज़्यादा सोचिए मत. जाइए और इन किलों को देखिए. आपके मन और आंखों दोनों को शांति मिलेगी.

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