वास्तु दोष निवारक विध्न विनाशक श्वेतार्क का पौधा

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वास्तु के दोषों का निवारण करने के लिए श्वेतार्क के पौधे की बहुत ही महत्वपूर्ण भूमिका है। इसे संस्कृत में श्वेतार्क कहते हैं और हिंदी में इसे सफेद आक के नाम से जाना जाता है। इस चमत्कारी आक के पौधे में हरी और नीली पत्तियां होती हैं। इसका फूल आकार में छोटा होता है और इनमें से किसी प्रकार की सुगंध नहीं होती। सफेद आक के पौधों की शाखाएं सफेद होती हैं और फूल भी सफेद होते हैं। यह एक दुर्लभ पौधा है। इसकी जड़ धीरे-धीरे गणपति का रूप ले लेती है। इसलिए इसे श्वेतार्क गणपति कहते हैं।

शास्त्रों के अनुसार श्वेतार्क गणपति जिस घर में होता है, उस घर में सभी वास्तु दोष नष्ट हो जाते हैं। और उस भवन में रहने वाले व्यक्ति को अपार धन सम्पदा प्राप्त होती है। सफेद आक का प्रयोग पूजा में किया जाता है। कहते हैं कि अगर एक बार गणपति जागृत हो जाते हैं तो साधक के लिए कुछ भी असंभव नहीं रहता। सफेद आक की जड़ को बड़े ही ध्यान से निकालना चाहिए। जिससे वह सफेद ना हो। इसके पुष्प से भगवान शिव की आराधना की जाती है। यह पौधा बड़ा ही चमत्कारी एकाग्रता, स्वास्थ्य और उत्साह को देने वाला है। इसे अपने घर में रखने वाले पर भगवान शिव और भगवान गणेश की विशेष कृपा रहती है। इस पौधे में विशेष औषधीय गुण होते हैं।
जिस घर में इसकी जड़ होती है वहां कभी भी निर्धनता नहीं रहती और घर में सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह रहता है। अपने इन अद्भुत गुणों के कारण ही इसे आधुनिक कल्पवृक्ष कहा जाता है। अक्षय तृतीया के शुभ दिन इसे अपने घर, दुकान, ऑफिस फैक्टरी आदि जगह पर लगाइए और अनुभव कीजिए इसके विघ्न विनाशक रिद्धि, सिद्धि दायक रहस्यमय प्रभाव को।

 

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