भूलकर भी इस तरह का न खरीदें फर्नीचर, होगी हानि !

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भूलकर भी इस तरह का न खरीदें फर्नीचर, होगी हानि !

नई दिल्ली: सभी चाहते है कि हमारा घर सपनों का महल हो। जिसके कारण हम हर चीज अपने हिसाब से रखते है। इन्ही में से एक है फर्नीचर। जो कि हमारे घर का एक जरुरी हिस्सा है। लेकिन आप ये बात नहीं जानते होगे कि फर्नीचर से आपके घर सुख-दुख आ सकते है।
वास्तु शास्त्र के अनुसार घर में जो हम फर्नीचर लाते है वो हमारी सफलता, तरक्की, खुशियां लेकर आती है। इसलिए कभी भी फर्नीचर सोचे-समझकर ही घर लाना चाहिए। जिससे आपके घर में सकारात्मक ऊर्जा रहें। जानिए कैसे, कब, कहां फर्नीचर लाना चाहिए।

  • अगर आप फर्नीचर में किसी भी तरह की डिजाइन बनवाना चाहते है, तो उसमें फूल, मछली, सूरज. राधा-कृष्ण, गाय हाथी आदि की आकृति बनाएं। इसके साथ ही डार्क पॉलिश न करा कर हल्के रंग की मॉलिश कराएं। यह शुभ साबित होगा।
  • कई बार होता है कि फर्नीचर बनवाते समय हम किनारे नुकीले कर देते है। जो कि सही नहीं है। यह आपके लिए हानिकारक साथ ही घर में नकारात्मक ऊर्जा भी लाता है। इसलिए हमेशा गोल आकार में ही किनारा बनवाएं।
  • अगर आप ऑफिर में फर्नीचर का इस्तेमाल करना चाहते है, तो स्टील का खरीदें। इससे सकारात्मक ऊर्जा आने के साथ-साथ धन की वृद्धि होती है।
  • फर्नीचर या फर्नीचर बनाने वाली लकड़ी किस शुभ दिन ही खरीदें। कभी भी शनिवार, अमावस्या या फिर मंगलवार को न खरीदें।
  • जब भी कभी फर्नीचर खरीदें, तो इस बात का जरुर ध्यान रखें कि वह किस तरह की लकड़ी से बनी है। यानि की हमेशा नीम, शीशम, अशोका, चंदन, सागवान, साल, अर्जुन से बनी हो। वही फर्नीचर खरीदें।
  • आपने फर्नीचर किस दिशा में रखा है। यह भी वास्तु के अनुसार बहुत ही जरुरी है। इससे आपको शुभ और अशुभ फल मिल सकता है। इसलिए हल्का फर्नीचर उत्तर और पूर्व दिशा में और भारी फर्नीचर पश्चिम और दक्षिण दिशा में रखें।
  • अगर आप घर पर ही फर्नीचर का काम करा रहे है, तो इसे दक्षिण या पश्चिम  की दिशा में शुरु करते हुए पूर्व या उत्तर की ओर खत्म कराएं। इससे आपके घर में धन-धान्य और तरक्की आएगी।
  • आप घर पर जिस लकड़ी को फर्नीचर बनाने के लिए लाएं हो। उसे उत्तर-पूर्व या फिर पूर्व, उत्तर की ओर रखें, क्योंकि फर्नीचर बनाने में देरी आपको धन हानि दे सकते है।

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