whatsapp status in one line hindi 2016

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हम खुद को इतना बदल देंगे एक दिन.. कि लोग तरस जायेंगे ? हमें पहले की तरह देखने के लिए.!

जब अपनों से धोखे मिलते है,तब तनहाइयाँ ही अच्छी लगती है !!?

जिन्दगी भर कोई साथ नहीं देता यह जान लिया हमने लोग तो तब याद करते हैं जुब वह खुद अकेले हों

अपने हर लफ्ज़ में कहर रखते हैं हम, रहें खामोश फिर भी असर रखते हैं हम..

मेरी जरुरत और ख्वाइश …. दोनों ही तुम हो ….खुदा जब मेहरबाँ होगा तब कोई एक तो पूरी होगी ….!!

लौटकर आयेगा वो एक दिन जरुर,मेरा आईना आजकल यही बात दोहराता रहता है !!

बेगुनाह कोई नहीं, सबके राज़ होते हैं..किसी के छुप जाते हैं, किसी के छप जाते हैं..।

वक़्त ख़त्म होने लगा है,इंतज़ार सुनता ही नहीं !!

Suno Bhut himmat rakhni padti hai… Toote huve dil ke saath jeene meih.. ?!!

हम जो तेरे बगैर ज़िंदा है,सब दिखावा है दुनिया के लिए !!

Ae gham-e-zindagi na ho naraz, Mujhe ko aadat hai muskuraane ki..

ज़िंदगी” में कभी किसी इंसान को अपनी आदत मत बनाना …… क्योंकि जब वो बदलते है ना,,, तब तुम्हे उस इंसान से ज्यादा खुद पर गुस्सा आता है…!!

क़िस्मत चाहिए जनाब #बादशाह बन ने के लिए..अगर दिमाग़ से बादशाह बनते तो #अकबर नहीं #बीरबल होता.. :

वक्त निकाल कर अपनों से मिल लिया करो, अगर अपने ही ना होंगे तो, क्या करोगे वक्त का ???

अछा तो रको अपने दिल ❤ पर हात।। ओर कहो।। की आप मुज से प्यार नही करते 🙂

देखो बारिश भी लौट आई है,तुम्हें भी लौट आना चाहिये !!

आज फिर उतनी ही मोहब्बत से बुलाओ ना,कह दो” मिलने का मन कर रहा है आओ ना !!”

 

पाबंद-ए-वफा हूँ, कोई सफाई नहीं दूँगा,साये की तरह रहूँगी साथ, पर दिखाई नहीं दूँगा….!!!

“कभी जरूरत पड़े तो आवाज दे देना हमें,  मैं गुजरा हुआ वक्त नहीं जो वापस न आ सकु”…

वक्त निकाल कर अपनों से मिल लिया करो, अगर अपने ही ना होंगे तो, क्या करोगे वक्त का ???

ज़िंदगी चाहे एक दिन की हो या चाहे चार दिन की, उसे ऐसे जियो ? जैसे कि ज़िंदगी तुम्हें नहीं मिली ….. ज़िंदगी को तुम मिले हो ।।

हमने उनकी बातों को ये सोचकर सच मान लिया की,इतने ख़ूबसूरत लब झूठ कैसे बोल सकते है। ��

दिए हैं ज़िंदगी ने ज़ख़्म ऐसे ,के जिन का वक़्त भी मरहम नहीं है ”

आएंगे हम याद तुम्हे एक बार फिर से..जब तेरे अपने फ़ैसले तुझे सताने लगेंगे !!

और कुछ नहीं चाहिये मुझे तुझसे ऐ ज़िन्दगी, बस वो एक शख्स लौटा दे जो मुझे तुझसे भी ज्यादा प्यारा है !!

अब ये न पूछना की . . ये अल्फ़ाज़ कहाँ से लाता हूँ ,कुछ चुराता हूँ दर्द दूसरों के, कुछ अपना हाल सुनाता हूँ !

अपने हर लफ्ज़ में कहर रखते हैं हम, रहें खामोश फिर भी असर रखते हैं हम..!

जरूरी नहीं की हर बात पर तुम मेरा कहा मानों, दहलीज पर रख दी है चाहत, आगे तुम जानो..!!

सुनो एक बात कहनी थी……तुम मेरे बन जाओ….

काश तुम लौट आओ और गले लगाकर कहो,खुश तो मैं भी नहीं तुम्हारे बिना !!

गुनाह ही किया है तो कोई सजा दे मुझे,हर पल अब मुझसे जुदाई में तडपा नहीं जाता !!

आज उसने हमें एक और दर्द दिया तो हमें याद आया; कि दुआओं में हमने ही तो उसके सारे दर्द मांगे थे..

“वक्त, मौसम और लोगों की एक ही फितरत होती है. ,, कब, कौन और कहाँ बदल जाए कुछ कह नहीं सकते….!!

हम जो तेरे बगैर ज़िंदा है, सब दिखावा है दुनिया के लिए !!

वो अक्सर मुझसे पूछा करती थी की कभी छोड़ कर तो नहीं जाओगे  काश ये बात मैंने भी उससे पूछ ली होती एक बार?!

हमने उनकी बातों को ये सोचकर सच मान लिया की, इतने ख़ूबसूरत लब झूठ कैसे बोल सकते है। ��

तुझे पाना.. तुझे खोना.. तेरी ही याद मेँ रोना ये अगर इश्क है.. तो हम तनहा ही अच्छेँ हैँ.!!

मैं भी खरीददार हूं मैं भी खरीदूंगा.. प्यार कहां बिकता है पता बताना यारों..!!

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